शहर व क्षेत्र के लोगों ने करीब एक दशक पहले एक प्राइवेट कॉलोनाइजर के प्रोजेक्ट में इनवेस्ट किया था। कॉलोनाइजर ने एक दशक बीते जाने के बाद आज तक न ही तो अपने निवेशकों को प्लॉट की अलाटमेंट की है, उल्टे अब उनसे डवलपमेंट चार्ज के नाम पर और पैसा देने के की हिदायत दी है। डवलपमेंट चार्ज का पैसा भी इतना की कॉलोनी किसी मेट्रो सिटी में डवलप हो रही हो। यह आरोप हम नहीं अपितु कॉलोनी में प्लाट के लिए इनवेस्टमेंट करने वाले निवेशक कह रहे हैं। रविवार इन सब लोगों ने फैसला लिया है कि यदि जल्द कॉलोनाइजर ने उन्हें प्लॉटों का अलाटमेंट नहीं किया तो वो न केवल सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे, अपितु इसके लिए न्यायालय का भी सहारा लिया जाएगा।
बता दें कि महेंद्रगढ़ नारनौल हाईवे पर राजकीय महाविद्यालय के सामने एक दशक पहले बदरवाल सिटी के नाम से एक प्राइवेट डवलपर ने काम शुरू किया था। इसमें शहर व आसपास के क्षेत्र से 330 से अधिक लोगों ने इनवेस्टमेंट किया था। इनवेस्टमेंट करने वाले लोगों ने डवलपर की शर्तों के अनुसार अब तक पैसा जमा कराया है। बावजूद इसके अभी तक उन्हें प्लॉटों की अलॉटमेंट नहीं हुई है। इनवेस्टमेंट करने वालों का यहां तक आरोप है कि उन्हें अभी तक यह भी नहीं बताया गया है कि उनका कितने नंबर प्लॉट है। अब उन्हें डवलपर की तरफ से नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिस में ईडीसी यानी डवलपमेंट जमा करवाने की बात कही गई है। डवलपमेंट चार्ज भी 3740 प्रति गज बताया गया है। उनका कहना है कि प्रति गज इतना अधिक डवलपमेंट मेट्रो सिटी में भी नहीं होता।
न्यायालय की शरण में जाने का लिया फैसला
बैठक कर न्यायालय जाने का लिया निर्णय
इस संबंध के विरोध में रविवार बदरवाल सिटी में इनवेस्टमेंट करने वाले लोगों की पुरानी रामलीला परिषद के निकट स्थित बैद्यखाने में बैठक हुई। बदरवाल वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले हुए इस बैठक की अध्यक्षता वेलफेयर सोसायटी के प्रधान रंगराव ने की। बैठक में बदरवाल सिटी के प्लॉट धारियों की समस्याओं पर विचार विमर्श किया तथा डवलपर द्वारा बिना किसी अलॉटमेंट के डवलपमेंट चार्ज मांगने पर रोष जताया गया। इसके साथ ही यह निर्णय लिया गया कि वो इसका विरोध करेंगे तथा इसके लिए न्यायालय की शरण ली जाएगी। इस मौके पर प्रधान ने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2015 में ईडीसी के चार्ज अनुमानित 1200 रुपए निर्धारित किए थे। बदरवाल कंपनी की तरफ से प्लॉट धारकों से 3740 रुपए मांगे जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि कंपनी के लोग प्लॉट धारकों को ठगना चाहते हैं, यह बर्दाश्त नहीं होगा। इसके लिए वो न्यायालय की शरण लेंगे। बैठक में नरेश चेयरमैन, मास्टर हरि सिंह, राधेश्याम, नरेश कुमार, विजय सिंह, डॉ. आरएन यादव, प्राचार्य राजेश्वर दयाल, चंद्र शेखर, बसंत दादरीवाले, ईश्वर अग्रवाल, बिशन दयाल, वैद्य जी, दिनेश वैद्य, नरेंद्र शर्मा, मोती सेठ, नरेश कुमार शर्मा व मास्टर प्रकाश आदि उपस्थित थे।
महेंद्रगढ़. बैठक करते बदरवाल सिटी के प्लाट धारक।