नगर निकाय कर्मचारियों की हड़ताल के चलते अब नारनौल शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा केवल 11 कर्मचारियों के हवाले रह गया है। इसके चलते शहर में दो दिनों से सफाई व्यवस्था बद से बदतर होने लगी है, हालांकि 11 कर्मचारी 10 से 12 घंटे कार्य कर शहर में मोटे-मोटे कूड़े का उठान कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की संख्या बहुत कम होने के कारण पूरे शहर में कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। इसके चलते शहर के विभिन्न गली मोहल्लों में गंदगी ढेर लग गए हैं।
गंदगी के ढेरों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन व नगर परिषद प्रशासन सफाई व्यवस्था को लेकर सुस्त नजर आ रहा है। हालांकि कहने को तो अपने-अपने वार्डों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाने को नगर परिषद के ईओ अभय सिंह व चेयरपर्सन भारती सैनी ने पार्षदों की बैठक बुलाई, लेकिन बैठक में सफाई व्यवस्था में पार्षद सुस्त नजर आए।
नगर परिषद के हड़ताल पर रहे 207 कर्मचारी : नगर परिषद प्रशासन के रिकार्ड के अनुसार सोमवार को नप के 207 कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर रहे। इनमें डीसी रेट के 114 कर्मचारी, नियमित 43 कर्मचारी व ठेकेदार के तहत कार्यरत सभी 50 कर्मचारी शामिल थे। नप के ईओ अभय सिंह ने बताया कि नगर परिषद में कुल 218 सफाई व कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी कार्यरत हैं। 11 कर्मचारी नियमित ड्यूटी कर रहे हैं। इन कर्मचारियों से केवल कूड़ा उठवाने का कार्य किया जा रहा है। ईओ ने बताया कि आज पार्षदों की बैठक लेकर उन्हें भी अपने-अपने वार्ड में लोगों के सहयोग से सफाई अभियान चला कर सफाई कराने के लिए बोला गया है। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान नगरवासी अपने शहर के साफ-सुथरा रखने के लिए नगर परिषद का सहयोग करें।