नारनौल | जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक यादव के दिशा निर्देशानुसार आज नारनौल में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले मजदूरों के लिए डोर-टू-डोर जाकर मजदूरों को पंजीकरण करवाने के लिए कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। अधिवक्ता महेश कुमार दीक्षित ने बताया कि बाल श्रमिक अभिशाप है। उन्होंने कहा की पंजीकृत महिला कामगार की कम से कम एक वर्ष की नियमित सदस्यता है तो प्रस्तृति लाभ के रुप में 30 हजार रुपए व 6 हजार रुपए स्वास्थ्यवर्धक खुराक के लिए महिला को दिए जाते है। इसी तरह शिक्षा के वित्तीय दान, कन्यादान, अक्षम बच्चों के वित्तीय सहायता और चिकित्सा सहायता पंजीकृत महिला कामगार की एक वर्ष की सदस्यता के नवीनीकरण, बिल की मूल प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। कानूनी स्वयंसेवक संजय कुमार ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया की कोई भी भवन निर्माण से संबंधित मजदूर अपना पंजीकरण करवा सकता है। इस अवसर पर प्रदीप, अनिल, विकास यादव, प्रवीन कुमार, सरला, वर्षा, सुमन, आशा व अन्य मजदूर उपस्थित थे।