भागवत कथा में किया कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन
नारनौंद | गांव पेटवाड़ में स्व. तुलाराम भारद्वाज के परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन याज्ञिक सम्राट आचार्य श्री धर्मबीर प्रसाद वेदपाठी बास वाले के शिष्य आचार्य देवकृष्ण सोनक महाराज द्वारा ज्ञान वर्षा की गई।
इस अवसर पर वासुदेव द्वारा भगवान कृष्ण को कारागृह से नंद भवन छोड़ कर आना, गोकुल में भगवान के जन्मोत्सव की बधाई, पूतना-तृणावर्त वध,गोशाला में जा अपने शरीर पर गोबर लेपन, माख चोरी करने व मिट्टी खाने की लीला कान्हा का ओखल से बंधन व नलकूबर और मणिग्रीव नामक कुबेर के पुत्रों का उद्धार, गोकुल से वृंदावन जाना, बछड़े चुराते हुए वत्सासुर का वध, बकासूर व अघासुर का वध, ग्वालों की झूठन खाना आदि अनेक बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। इस अवसर पर महाबीर प्रसाद वेदपाठी, महाबीर शास्त्री, चीफ जस्टीस सूर्यकांत भारद्वाज के पिता मदनलाल शास्त्री, मा. ऋषिकांत शर्मा आिद ग्रामीणों ने कथा का श्रवण किया।