अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा नारनौंद की अनाज मंडी में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नारनौंद हलका के गांवों मे समिति ने 2 जून की जसिया रैली के लिए न्यौता देने के लिए अलग अलग टीमों का गठन किया।
टीमें गांव-गांव जाकर रैली सफल बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगी। समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने जाटों के साथ वायदा खिलाफी की है। आरक्षण देने, आरक्षण की मांग के चलते हुए शहीदों के परिवारों को नौकरी देने तथा सभी मुकदमे वापिस लेने के सरकार ने दो बार वायदा करने के बावजूद अभी तक कोई वायदा पूरा नहीं किया। जिस कारण जाट समुदाय में काफी रोष है। सरकार के विरोध के लिए रणनीति बनाने हेतु 2 जून को रोहतक के जसिया में महासम्मेलन रखा गया है। जिसमें सरकार की वायदा खिलाफी के खिलाफ विरोध करने बारे रणनीति बनाई जाएगी। इसमें सरकार के मंत्रियों, विधायकों व अन्य सहयोगियों को घेराव आदि करने तक का निर्णय लिया जा सकता है। भाजपा सरकार ने यदि जाटों की मांगों की अनसुनी की तो आने वाले चुनाव में खामियाजा भुगताना पड़ेगा। बैठक में रामभगत मलिक प्रदेश प्रवक्ता, दलजीत सिंह फौजी मेम्बर राष्ट्रीय कार्यकारिणी, जग महेंद्रपाल पुनिया, राजकुमार, वजीर सिंह ढाण्डा, हल्का प्रधान शीलू लोहान, राजकुमार राखी, सतीश माजरा, कर्मबीर फौजी, धर्मपाल बुडाना, मा. प्रताप सिंह बड़छप्पर आिद मौजूद थे।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के लोग भाजपा सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए।