जिम्मेदार यातायात के नाम पर आंख बंद करके बैठे हैं
जिम्मेदार यातायात के नाम पर आंख बंद करके बैठे हैं
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज
नगर में करीब एक सप्ताह से शादी-विवाह की खरीदी का दौर चरम पर है। बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस कारण लगभग हर दुकान पर जमकर ग्राहकी है। सुबह और शाम में कई बाद कुछ दुकानों पर पैर रखने तक की जगह नहीं होती। इतनी भीड़ होने के बाद भी जिम्मेदार यातायात के नाम पर आंख बंद करके बैठे हैं। नगर के व्यस्ततम मार्ग से चार पहिया वाहन निकल रहे हैं। इससे बाजार में जाम लगना आम बात हो चुकी है।
यातायात को लेकर न तो नगर परिषद किसी प्रकार का ध्यान देने को तैयार है और न ही प्रशासन। इस कारण नगर में जगह-जगह जाम के हालत बन रहे हैं। दोपहिया वाहन चलाने वाले लोग भी जाम में फंस जाते हैं। शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने से पहले भी प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकर्षित किया गया था, लेकिन जब जिम्मेदारों ने महज आश्वासन देते हुए व्यवस्था करने की बात कह दी थी, लेकिन जब सीजन सिर पर आ गया, तो भी प्रशासन इस तरफ ध्यान देने को तैयार ही नहीं है।
बार-बार लगता है जाम
ऐसा नहीं कि यह पहली बार है जब यातायात के हालत नगर में में बिगड़े है। इसके पहले भी कई बार त्योहारों पर सड़कों के जाम होना आम बात है। चार पहिया वाहन अपने वाहनों को लेकर नगर में बेखौफ होकर प्रवेश करते हैं। दूसरी तरफ दो पहिया वाहन चालक अपने वाहनों को व्यवस्थित रखने की बजाए दुकानों के सामने सड़क पर खड़ा कर देते हैं। इस स्थिति में बार-बार जाम लगता है।
दुर्गा मंदिर से लेकर सुदामा सेतु तक स्थिति खराब
प्रशासन ने भले ही नगर के मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाकर इसे चौड़ा कर दिया हो। लेकिन मुहीम ठंडे बस्ते में जाने से नगर में व्यापारी नालियों के ऊपर दुकान लग रहे हैं।
ये हैं जाम के मुख्य कारण
नगर में जाम का मुख्य कारण खरीदी के लिए आने वाले ग्राहकों के दोपहिया वाहनों की अधिकता, अव्यवस्थित तरीके से दुकानों के सामने वाहन खड़े कर देना, चार पहिया वाहनों को बेखौफ बाजार में आना, रोकने वाले कोई जिम्मेदार ही नहीं, नगर के यातायात को लेकर कोई रोड प्लान ही नहीं, नगर में पार्किंग को लेकर भी कोई ठोस नीति नहीं।