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पानी सहेजने शासकीय कार्यालयों में अब तक नहीं लगाए वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज

पानी को सहेजने के लिए शासन ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। लेकिन सरकारी दफ्तरों में ही इस सिस्टम का प्रयोग नहीं किया जा रहा हैं। इसके अलावा इस सिस्टम को अपनाने के लिए लोगों को भी जागरूक नहीं किया जाता हैं। इसके चलते नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का पानी बहने से प्रतिवर्ष भूजल स्तर गिर रहा हैं। जो मई के प्रथम सप्ताह में ही जल संकट के रूप में नागरिकों सहित ग्रामीणजनों के लिए संकट बना हुआ है।

मई का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही इस भीषण गर्मी में भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। इससे हैंडपंप और ट्यूबवेल दम तोड़ने लगे हैं। यही कारण हैं कि नगर के 6 से अधिक वार्डों व ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 45 हैंडपंपों के दम तोड़ने से पेयजल संकट की स्थिति निर्मित होने लगी है। इसके बाद भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में विभाग सहित नागरिकों की रुचि नहीं है।

क्या है वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

सिस्टम के तहत जमीन में 3 से 5 फीट चौड़ा और 6 से 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा जाता हैं। जिसमें नीचे मोटे पत्थर, बीच में मध्यम आकार के पत्थर और सबसे ऊपर रेत डाली जाती हैं। यह सिस्टम फिल्टर का काम करता हैं। छत से पानी पाइप के जरिए गड्ढे में उतार दिया जाता हैं, जहां से पानी छनकर जमीन में चला जाता हैं। इस पानी को फिल्टर के माध्यम से टैंक में एकत्रित कर उपयोगी बनाया जा सकता है।

क्यों जरूरी हैं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

नगरीय क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार भू-जल स्तर गिर रहा है। इसका मुख्य कारण नगरों व गांवों में पक्का निर्माण और खनन होना है। वर्तमान में नगर के सभी वार्डों में सीसी सड़क व नालियों का पक्का निर्माण किया जा चुका हैं। इसी प्रकार गांवों में भी सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इससे बारिश का पानी बहकर निकल जाता हैं।

नहीं ली जाती हैं परमिशन

नगर में मकान बनाने के लिए नगर परिषद से परमिशन लेनी होती हैं। लेकिन आलम यह हैं कि एक तो शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा हैं और न किसी भी भवन मालिक ने मकान निर्माण कार्य की आज तक नगर परिषद से स्वीकृति ली है। राजनैतिक दलों से जुड़े होने के कारण आज तक किसी भी भवन मालिक पर नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने में विभाग सहित लोगों की रुचि नहीं

जागरूकता का अभाव है

नागरिकों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के प्रति जागरूकता का अभाव बना हुआ हैं। यदि नागरिक अपने घरों में सिस्टम लगाता हैं तो उससे उसे पानी का संकट नहीं होगा। इस साल से नगर परिषद द्वारा बिना अनुमति बनाए हुए मकानों से निर्माण शुल्क वसूलेगी। शैलेंद्र सिन्हा, सीएमओ, नगर परिषद नसरुल्लागंज

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