पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • समर्थन केंद्र से परिवहन की गति धीमी, चालीस हजार क्विंटल की खरीदी हो सकती है प्रभावित

समर्थन केंद्र से परिवहन की गति धीमी, चालीस हजार क्विंटल की खरीदी हो सकती है प्रभावित

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज

शासन द्वारा नेफेड के माध्यम से समर्थन मूल्य पर की जा रही चने की खरीदी इस समय लाड़कुई के किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। लाड़कुई कृषि उपज मंडी में परिवहन के अभाव में लगभग 9 हजार क्विंटल से अधिक चना खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। परिवहन न होने की दशा में केंद्र पर स्थानाभाव की समस्या खड़ी हो गई है। यदि समय रहते परिवहन नहीं होता है तो केंद्र पर खरीदी प्रभावित हो सकती है।

परिवहनकर्ता द्वारा चने की गाड़ी भरने के बाद लाड़क़ई मंडी, भादाकुई व इछावर के तौल कांटों पर तौल कराने पर गाड़ी का वजन एक जैसा आ रहा है, लेकिन जैसे ही वह गाड़ी सीहोर तकीपुर वेयर हाऊस पर ले जाकर तौल करता है तो एक गाड़ी में एक से दो क्विंटल माल कम निकल रहा है, जिससे कमी बनने की स्थिति में लाड़कुई समिति प्रबंधक को प्रति क्विंटल 4400 रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

खुले आसमान के नीचे पड़ा 9 हजार क्विंटल से अधिक चना

इस समय दिन व दिन मौसम में आ रहे एकाएक परिवर्तन से क्षेत्र का किसान परेशान हैं। वहीं लाड़कुई कृषि उपज मंडी में भी खुले आसमान के नीचे 9 हजार क्विंटल पड़ा होने से समिति प्रबंधक भी परेशान है। परिवहन की धीमी रफ्तार और माल में आ रही कमी से दोनों ही परेशान है। यदि ऐसी स्थिति में बारिश होती है तो केंद्र पर पड़ा चना खराब हो सकता है।

लाड़कुई समिति प्रबंधक का कहना है कि या तो तकीपुर वेयर हाऊस पर लगा कांटा खराब है या फिर परिवहनकर्ता के चालकों द्वारा बीच रास्ते में कोई हेराफेरी की जा रही है, जिसका खामियाजा उन्हें उठाना पड़ रहा है।

तकीपुर वेयर हाऊस में नहीं हो रहा कांटे का सत्यापन

लाड़कुई समिति के प्रबंधक जनार्दन शर्मा की माने तो लाड़कुई से माल भरकर जब गाड़ी कांटा करती है तो माल सही पाया जाता हैं। यह स्थिति भादाकुई तौल कांटे व इछावर कांटे पर भी एक जैसी पाई जाती है, लेकिन सीहोर तौल होने पर एक गाड़ी में एक से दो क्विंटल की कमी बता रहा है। जिसका खामियाजा उसे उठाना पड़ रहा है। परिवहनकर्ता की माने तो सीहोर वेयर हाऊस में लगे तौल कांटे का सत्यापन न होने से यह कमी आ रहा है। यदि सत्यापन हो तो नुकसान नहीं होगा।

बन रही विवाद की स्थिति, अभी 1500 किसानों की उपज बाकी

केंद्र पर चने का समय पर परिवहन न होने से खरीदी की रफ्तार धीमी पड़ी है। जिससे किसानों द्वारा बार-बार विवाद किया जा रहा हैं। इस समय लगभग 1500 से अधिक किसानों से 40 हजार क्विंटल की खरीदी की जाना शेष बची हुई हैं। ऐसी स्थिति में खरीदी की धीमी रफ्तार किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

जगह की पड़ने लगी कमी, तकीपुर मेंं तौल कराने पर कम निकल रही उपज

परिवहन की गति तेज करने निर्देश दिए, कमी की होगी जांच

परिवहनकर्ता को निर्देश दिए हैं कि परिवहन की गति तेज की जाए। साथ ही माल में आ रही कमी की जांच की जा रही है। लाड़कुई, भादाकुई वेयर हाऊस का सत्यापन दो बार कराया जा चुका है। कांटों में कोई खराबी नहीं हैं। यदि तकीपुर वेयर हाऊस कांटे में खराबी होगी तो इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। -गजेंद्र दुबे, क्षेत्रीय विस्तार अधिकारी, सहकारी बैंक नसरुल्लागंज

खबरें और भी हैं...