प्रयोगशाला को कृषि विभाग के हैंडओवर भी किया जा चुका है
भास्कर संवाददाता | नसरुल्लागंज
कृषि को लाभ का धंधा बनाने व कृषि आय को दोगुना करने का ढिंढोरा प्रदेश सरकार पीट रही है। वहीं अधिकारी उदासीनता बरत रहे हैं। क्षेत्र के किसानों कों मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
2 साल से कृषि उपज मंडी प्रांगण में 30 लाख रुपए की लागत से बनाई जा रही प्रयोगशाला का कार्य पूर्ण हो चुका है और कृषि विभाग के हैंडओवर भी किया जा चुका है। लेकिन अभी तक इस प्रयोगशाला को शुरू नहीं किया गया है। 30 लाख रुपए की इस प्रयोगशाला में मिट्टी का परीक्षण करने वाले एक्सपर्ट अधिकारियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हुई है।
वहीं राज्य शासन ने इस प्रयोगशाला को प्रायवेट ठेके पर देने का मन बना लिया है। इन दोनों की कारणों में क्षेत्र के किसान अपने खेत की मिट्टी की गुणवत्ता व उर्वरक क्षमता की जांच नहीं करा पा रहा हैं। इसके लिए क्षेत्र के किसानों को जिला मुख्यालय पर जाना पड़ रहा है।