संविदाकर्मियों ने दी अनशन और आंदोलन की चेतावनी
नाथद्वारा | जलदाय विभाग के संविदाकर्मी 19 माह का वेतन नहीं मिलने और प्रशासन की अनदेखी से नगरपालिका के खिलाफ आमरण अनशन और उग्र आंदोलन 23 अप्रैल से करेंगे। संविदाकर्मियों ने शनिवार को जिला कलेक्टर पीसी बेरवाल को पत्र लिख 23 से आमरण अनशन और उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी। संविदाकर्मियों ने मोहन, नरेश पालीवाल, राहुल काबरा ने बताया कि पालिका के अधीनस्थ जलदाय विभाग के संविदाकर्मियों को 19 माह से वेतन नहीं मिलने और धरना देने के बाद प्रशासन ने अनदेखी के खिलाफ आमरण अनशन और उग्र आंदोलन का फैसला लिया। संविदा कर्मियों ने बताया कि तीन वर्ष से जलदाय विभाग के एईएन नाथूसिंह राठौड़ ने स्थाई नौकरी का झूठा दिलासा देकर काम करवाना शुरू किया था। संविदा कर्मियों को 19 माह तक वेतन न मिलने पर 13 से 26 फरवरी तक भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान नगरपालिका आयुक्त और एसडीएम के समक्ष इकरार नामा कर बकाया वेतन किश्तों में देने की बात हुई। इस दौरान पहली किश्त दी लेकिन दूसरी किश्त 15 मार्च को और 30 अप्रैल तक बकाया वेतन देने का निर्णय हुआ। दूसरी किश्त नहीं मिलने पर संविदा कर्मी एक बार फिर हड़ताल पर बैठ गए। 26 मार्च से दूसरी बार धरना दे रहे कर्मियों ने प्रशासन की अनदेखी पर आमरण अनशन और आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी।