अधिकमास के मनोरथ आज से, एक महीने तक होंगे सालभर के उत्सव-दर्शन
पुष्टिमार्गीय मत की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में, दूसरी पीठ के विट्ठलनाथजी और नवनीतप्रियाजी मंदिर में उत्सव-मनोरथ बुधवार को शुरू होंगे। अधिकमास में सालभर होने वाले मनोरथ और उत्सव होंगे। दर्शन के लिए बाहर से भी वैष्णवों के पहुंचने की उम्मीद को लेकर मंदिर मंडल, व्यापारियों ने तैयारियां की है। शहर में अधिक मास को लेकर मंदिर तथा आसपास के बाजारों में तैयारियां की है। मंदिर में होने वाले मनोरथ में सजावट की जाएगी। उपली ओडन बाग, लालबाग, वृंदावन गार्डन सहित आसपास के बाग से मनोरथ के लिए फूल लाए जाएंगे। अजमेर, मुंबई से भी फूल मंगवाए जाते हैं। मनोरथ में झांकियां सजाने के लिए कारीगर शृंगार सामग्री तैयार करने में जुटे हैं।
जिस चंद्र मास में सूर्य संक्रांति नहीं, वही अधिकमास
भारतीय कैलेंडर चन्द्र मास पर आधारित होता है। जिस चन्द्र मास में सूर्य संक्रांति नहीं होती है, वह अधिक मास माना जाता है। 28 से 36 महीने के बीच अधिकमास आता है। पिछली बार अधिक मास 17 जून 2015 को शुरू हुआ था।
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शुभ काम वर्जित, दान का महत्व
मलमास में सुबह स्नान से निवृत्त होकर भगवान सूर्य का पूजन, चावल व लाल चंदन से करना चाहिए। प्रतिदिन कपड़े, मिष्ठान दान करना श्रेष्ठ माना है। अधिक मास में विवाह, मुंडन संस्कार, नववधू, मूर्ति स्थापना, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, नामकरण, नया वाहन खरीदना, तालाब- बावड़ी नहीं बनवाना चाहिए। भूमि, सोना खरीदना, तुला या गाय का दान भी वर्जित माना गया है।
श्रीजी मंदिर में ये मनोरथ: 16 मई को सुबह साहिबान की मंडली व शाम को सांझी का मनोरथ होगा। इसी तरह 17 मई को को सुबह रथयात्रा का मनोरथ व शाम को चंदन का हिंडोलना, 18 मई को सुबह खस का बंगला व शाम को कली का शृंगार, 19 मई शाम को चीर हरण का मनोरथ, 20 मई सुबह चंदन का बंगला व शाम को कली का शृंगार, 21 मई सुबह माखन चोरी का मनोरथ व शाम को फूल का हिंडोलना, 22 मई सुबह शरबती घटा का मनोरथ होगा।
विट्ठलनाथजी मंदिर में ये मनोरथ: विट्ठलनाथजी मंदिर में 16 मई को राजभोग की झांकी में फूल पत्ती का पलना व आरती व शयन झांकी में ठाकुरजी को साज के बंगले में विराजित किया जाएगा। इसी तरह 17 मई को राजभोग झांकी में चांदी का पलना तथा आरती व शयन में चंदन का बंगला, 18 मई को राजभोग झांकी में मोती साज का पलना तथा आरती व शयन में मोती साज का बंगला, 19 मई को राजभोग झांकी में फल-फूल का पलना तथा आरती व शयन में कांच की हटडी, 20 मई को राजभोग झांकी में खसखाना बंगला तथा आरती व शयन में साज का हिंडोरा, 21 मई को राजभोग झांकी में चंदनी घटा में कांच का पलना तथा आरती व शयन में चंदन की हटडी, 22 मई को राजभोग झांकी में चांदी का पलना तथा आरती व शयन में कसुम्भी साज का बंगले में विराजित किया जाएगा।
श्रीनवनीत प्रियाजी में ये मनोरथ: श्रीनवनीत प्रियाजी में 16 मई को सुबह साहिबान की मंडली व शाम को सांझी का मनोरथ, 17 मई सुबह गुलाब की मंडली व शाम को चंदन का हिंडोलना, 18 मई सुबह रथयात्रा का मनोरथ व शाम को कली का शृंगार, 19 मई सुबह बगीचा का मनोरथ व शाम को खस खाना का मनोरथ, 20 मई सुबह चंदन का बंगला व शाम को कली का शृंगार, 21 मई सुबह फूल मंडली मनोरथ होगा।