कामां में मंदिर दूसरे दिन भी नहीं खुले पट, लुटेरे अभी भी पकड़ से बाहर
कामां, भरतपुर| पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की कामां स्थित पंचम पीठ गोकुल चंद्रमा जी मंदिर के पट आमजन के दर्शनार्थ दूसरे दिन भी नहीं खुल सके। वजह यह है कि जगदगुरु वल्लभाचार्य से सोमवार मध्य रात्रि में लुटेरे मारपीट कर नगदी, सोने की अंगूठी, चैन, कड़े समेत महाप्रभु की प्रतिमा भी लूट ले गए थे। ऐसी मान्यता है कि जब तक यह प्रतिमा मंदिर में नहीं आएगी, तब तक आम लोगों के दर्शनार्थ मंदिर के पट नहीं खुलते। बुधवार को भी श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा। इधर, भरतपुर पुलिस इस मामले में दूसरे दिन भी खाली हाथ रही। हालांकि बदमाशों की तलाश में पुलिस की 8 टीमों ने हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर दबिश दी। लेकिन, इसमें पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पाई।
इधर, भरतपुर के एसपी अनिल कुमार टांक फिलहाल कामां में ही कैंप किए हुए हैं। उन्होंने इसके लिए 8 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इनमें 100 पुलिस कर्मियों के साथ ही कामां सीओ रायसिंह बेनीवाल, डीग सीओ अनिल मीणा और दोनों सर्किलों के 9 एसएचओ को भी शामिल किया गया है। इन टीमों ने भीलमका, बिछोर, पुन्हाना, विपती, हथन, कोसी, चोर गढ़ी और छपरा आदि क्षेत्रों में दबिश दी।
इस घटना को लेकर भरतपुर पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। तमाम पुलिस अधिकारियों के पास रटारटाया एक ही जवाब है कि जांच चल रही है। कई स्थानों पर टीमें भेजी गई हैं। बदमाशों की तलाश जारी है। जब तक बदमाश पकड़ में नहीं आ जाते, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली एयरपोर्ट से लौटते समय कामां-जुरहरा मार्ग पर कार सवार 5 बदमाशों ने गोस्वामी वल्लभाचार्य, उनके ड्राइवर और सेक्रेटरी दीपक से मारपीट करके महाप्रभु की मूर्ति, 2.11 लाख रुपए, सोने की तीन अंगूठी, दो कड़े, चैन और गाड़ी लूट ली थी। लुटेरे आधी रात को उन्हें जंगल में ही छोड़ भागे थे।
अक्षय तृतीय के विशेष दर्शनों से हुए भक्त वंचित
अक्षय तृतीया पर गोकुल चंद्रमा जी मंदिर में चंदन और खस के विशेष दर्शन होते हैं, लेकिन, मंदिर के पट नहीं खुलने से भक्तों को ये विशेष दर्शन नहीं हो सके। इस दर्शन को वल्लभ कुल का विशेष मनोरथ माना जाता है। ऐसे में दर्शनार्थियों को निराश होकर लौटना पड़ा ।
पंचम पीठाधीश्वर जगतगुरू वल्लभाचार्य के साथ हुई लूट की वारदात के बाद नाथद्वारा के श्रद्धालुओं में आक्रोश
नाथद्वारा| वल्लभ संप्रदाय की राजस्थान के कामां स्थित पंचम पीठ गोकुलचंद्र कामवन के पीठाधीश्वर जगतगुरू वल्लभाचार्य के साथ सोमवार रात दिल्ली से लौटते समय भरतपुर जिले में हुई लूट की वारदात की चर्चा प्रधान पीठ नाथद्वारा में दिनभर रही। लोगों ने घटना पर रोष जताते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उल्लेखनीय है कि दिल्ली से कामां आ रहे वल्लभ संप्रदाय के पंचम पीठाधीश्वर जगद्गुरु वल्लभाचार्य की कार को सोमवार रात करीब डेढ़ बजे जुरहरा थाना क्षेत्र में गुरीरा गांव के पास रोककर बदमाशों ने मारपीट और लूटपाट की। कार में चालक राधाचरण व मंदिर ट्रस्ट के सेक्रेट्री दीपक भी थे। बदमाश वल्लभाचार्य से 350 साल पुरानी महाप्रभु की मूर्ति, 2 लाख 11 हजार रुपए, सोने की चेन, तीन अंगूठी, 4 मोबाइल व गाड़ी को लूट ले गए। घटना के बाद वल्लभाचार्य व गाड़ी चालक सहित दो जने ट्रक में लिफ्ट लेकर कामां पहुंचे और थाने में सूचना दी।
वल्लभ संप्रदाय की 7 पीठों में नाथद्वारा प्रधानपीठ: बता दें कि वल्लभ संप्रदाय में 7 पीठों सहित प्रधान पीठ नाथद्वारा का अलग महत्व हैं। संप्रदाय की प्रथम पीठ मथुरेशजी कोटा, द्वितीय पीठ विठ्ठलनाथजी नाथद्वारा, तृतीय पीठ द्वारकाधीशजी कांकरोली, चतुर्थ पीठ गोकुलनाथजी गोकुल, पंचम पीठ गोकुलचंद्रजी कामां भरतपुर, षष्ट पीठ बालकृष्णजी सूरत गुजरात व सप्तम पीठ मदनमोहनजी कामवन भरतपुर हैं। प्रधान पीठ नाथद्वारा को माना गया है।