नाथद्वारा | अधिक ज्येष्ठ शुक्लपक्ष सप्तमी को श्रीनाथजी प्रभु की हवेली, श्रीनवनीतप्रियाजी और श्रीविठ्ठलनाथजी में राजभोग और भोग आरती झांकी में विशेष मनोरथ हुए। बालस्वरूप श्रीकृष्ण गोपियों के घरों से मटकी फोड़कर माखन चोरी करते हुए दर्शाया गया। राजभोग की झांकी में मणी कोटा में माखन की हांडिया बांधी। शाम को शृंगार की झांकी में फूल के हिंडोलना में विराजित किया। श्रीनवनीतप्रियाजी चीर हरण लीला की पिछवाई धराई। लालन में फल की मंडली और चीरहरण लीला का मनोरथ हुआ। श्रीविठ्ठलनाथजी प्रभु को राजभोग झांकी मे अनूठा शृंगार धरा चांदनी घटा में कांच के पलने में विराजित किया। शाम को आरती झांकी में युगल स्वरूप में चंदन की हटड़ी मनोरथ हुआ।