नाथद्वारा |दिसबंर 2012 में नगरपालिका कार्यालय परिसर में चल रहे प्रशासन शहरों की ओर शिविर में तत्कालीन नगरपालिका आयुक्त आशीष शर्मा और भाजपा के पूर्व पार्षद गोविंद कांत त्रिपाठी के बीच हुई तकरार मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट नाथद्वारा के पीठासीन अधिकारी शैलेंद्र राज गाेस्वामी ने त्रिपाठी को कुल 3 साल की सजा और 13 हजार आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। करीब साढ़े 5 साल पहले नगरपालिका कार्यालय परिसर में चल रहे प्रशासन शहरों की ओर शिविर में हुई तकरार और हाथापाई को लेकर आयुक्त शर्मा ने राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करवाया था। साढ़े 5 साल तक चले मामले में कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई हैं। कोर्ट ने धारा 332 में दोषी पाए जाने पर 2 साल का साधारण कारावास और 3 हजार का आर्थिक दंड, धारा 353 में 1 साल की कैद और 3 हजार जुर्माना, धारा 477 के तहत 3 वर्ष का साधारण कारावास तथा 7 हजार आर्थिक दंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ चलने से कुल 3 साल की कैद और 13 हजार का जुर्माना भरना पड़ेगा।