नाथद्वारा। ओड़ वाली बावड़ी की सफाई करते जलमित्र।
नाथद्वारा | जनाना झरना बावड़ी का पानी निर्मल स्वच्छ सा दिखने लगा है, लेकिन बावड़ी में लगातार गंदे पानी का रिसाव हो रहा है। रिसाव रोकने के लिए नगरपालिका उपाध्यक्ष परेश सोनी और जलमित्र प्रयास कर रहे है। रविवार को नगरपालिका उपाध्यक्ष सोनी ने एक ओर 20 फीट लंबे और 1 फीट व्यास के पाइप की खरीद करवा कर पहले लगाएं गए पाइप से जुड़वाया। अब नगरपालिका की हल्ला बोल टीम के कर्मी नाले में आगे के 20 फीट की सफाई करेंगे। 40 फीट लंबाई में नाले की सफाई होने पर नाले की दीवार के रिपेयरिंग का काम शुरू होगा। बावड़ी के पानी में मंदिर मंडल के कर्मियों ने ब्लिचिंग पावडर डाल साफ किया। बावड़ी का पानी साफ स्वच्छ नजर आने लगा है लेकिन गंदे पानी का रिसाव जारी होने से उपयोग लायक नहीं हो सका है। नगरपालिका उपाध्यक्ष सोनी 3 दिनों से लगातार रिसाव रुकवाने को ले कर काम करवा रहे है। इधर, जलमित्रों ने सुंदरविलास के पास ओड़ की बावड़ी की सफाई मंदिर प्रशासन के कर्मियों के साथ की। बावड़ी में डाले गए पूजन सामग्री हार, फूल, नारियल सहित कचरा और मलबा निकाला। जलकुंभी और कचरा साफ होने के बाद पाउडर डाला गया। कर्मियों ने सुबह करीब 5 अन्य बावड़ियों और जलाशयों में पावडर डाल सफाई की। इस दौरान युवराज बारहठ, कमल चारण, तन्मय पालीवाल सहित जलमित्र थे।
शनिवार शाम को जलमित्र तन्मय पालीवाल ने शिक्षाविद् हजारीलाल गुर्जर, गौ सेवक राधे के साथ व्यास की बावड़ी से आ रही नहर का निरीक्षण किया। बताया कि हाइवे पर एसएमबी काॅलेज से आगे त्रिनेत्र चौराहे के सामने नहर ब्लाॅक होने से तालाब सूख रहे है। बरसात का पानी व्यर्थ बह जाता है।
जलमित्रों ने हाइवे किनारे काॅलेज की साइड पर ही नहर निर्माण कर बारिश के पानी को तालाब तक ले जाने का सुझाव दिया। अब प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद नहर की सफाई का काम हो सकेगा। फोरलेन निर्माण के बाद से ही नहरों से आने वाला बरसात का पानी तालाबों तक नहीं पहुंच रहा है, इससे तालाब सूखने की लगा है। जलमित्रों ने पहले की नहर को काॅलेज की तरफ से ही निर्माण कर पानी को तालाब तक लाने की बात कही।