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अध्यक्ष की मर्जी के विरुद्ध हरपालपुर में नए सीएमओ को सौंपा प्रभार

3 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | हरपालपुर

नगर परिषद हरपालपुर की अध्यक्ष की तानाशाही एक बार रेत के महल की तरह धरासाई होती नजर आई। कलेक्टर रमेश भंडारी के निर्देश पर नौगांव एसडीएम बीबी गंगेले ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए महाराजपुर के सीएमओ बसंत चतुर्वेदी को अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए उन्हें बाकायदा प्रभारी भी दे दिया।

नगर परिषद हरपालपुर की सीएमओ सुषमा मिश्रा के लंबी छुट्‌टी पर चले जाने के कारण प्रभावित हो रहे कामकाज को देखते हुए कलेक्टर रमेश भंडारी ने नौगांव तहसीलदार जिया फातिमा को यहां का प्रभार सौंपा, लेकिन तहसीलदार ने कार्य की अधिकता के चलते प्रभार लेने से मना कर दिया था। इसके बाद कलेक्टर ने महाराजपुर नगर पालिका के सीएमओ बसंत चतुर्वेदी को हरपालपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए ज्वाइन करने का आदेश दिया। लेकिन नगर परिषद अध्यक्ष ममता बैसाखिया ने ज्वाइनिंग लेटर पर हस्ताक्षर करने से ही मना कर दिया। अध्यक्ष अपने मन माफिक सीएमओं को लाना चाहती थीं। इससे सीएमओ चतुर्वेदी की ज्वाइनिंग अटक गई।

सीएमओ के न होने से परिषद के विकास कार्य एवं प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इस बीच सीएमओ सुषमा मिश्रा का रीवा ट्रांसफर हो गया। अध्यक्ष की तानाशाही के चलते सीएमओ को ज्वाइन न कराए जाने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया और परिषद की व्यवस्थाएं सुचारू चल सकें इसके लिए कलेक्टर ने एसडीएम नौगांव बीबी गंगेले को महाराजपुर सीएमओ बसंत चतुर्वेदी को ज्वाइन कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश के पालन में एसडीएम ने बीते रोज बसंत चतुर्वेदी को ज्वाइन कराते हुए उन्हें प्रभार भी दिला दिया।

सीएमओ सुषमा मिश्रा के छुट्टी पर जाने और अब उनके ट्रांसफर से खाली था पद, व्यवस्थाएं हो रही थीं प्रभावित

नगर परिषद हरपालपुर कार्यालय।

मैं तो पहले ही आ गया था

इस संबंध में बसंत चतुर्वेदी का कहना है कि कलेक्टर के आदेश पर मैं पहले भी ज्वाइन करने हरपालपुर आ गया था, लेकिन अध्यक्ष ने मेरी पदस्थापना पर हस्ताक्षर ही नहीं किए। उनके हस्ताक्षर न करने के कारण मैं ज्वाइन नहीं कर पाया। इसकी जानकारी मैंने कलेक्टर को दे दी थी। कलेक्टर ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए आज मुझे ज्वाइन कराया, मैं अपनी पूरी निष्ठा के साथ काम करूंगा। यहां के विकास कार्यों को गति मिले, इसके लिए सभी में सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करूंगा। एसडीएम नौगांव बीबी गंगेले का कहना है कि कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए नगर परिषद की व्यवस्थाओं को दुरूस्थ करने के लिए महाराजपुर सीएमओ बसंत चतुर्वेदी को प्रभार ग्रहण करा दिया गया है।

मैं तो पहले ही आ गया था

इस संबंध में बसंत चतुर्वेदी का कहना है कि कलेक्टर के आदेश पर मैं पहले भी ज्वाइन करने हरपालपुर आ गया था, लेकिन अध्यक्ष ने मेरी पदस्थापना पर हस्ताक्षर ही नहीं किए। उनके हस्ताक्षर न करने के कारण मैं ज्वाइन नहीं कर पाया। इसकी जानकारी मैंने कलेक्टर को दे दी थी। कलेक्टर ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए आज मुझे ज्वाइन कराया, मैं अपनी पूरी निष्ठा के साथ काम करूंगा। यहां के विकास कार्यों को गति मिले, इसके लिए सभी में सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करूंगा। एसडीएम नौगांव बीबी गंगेले का कहना है कि कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए नगर परिषद की व्यवस्थाओं को दुरूस्थ करने के लिए महाराजपुर सीएमओ बसंत चतुर्वेदी को प्रभार ग्रहण करा दिया गया है।

अध्यक्ष के अधिकारों पर हो सकती है चोट

अध्यक्ष की मर्जी के खिलाफ बसंत चतुर्वेदी को सीएमओ के रूप में कार्यभार सौंपा गया है। सूत्रों से ऐसा पता चला है कि अगर नगर परिषद के कार्यों एवं व्यवस्थाओं के संचालन में अध्यक्ष बाधा उत्पन्न करती हैं तो उनके वित्तीय अधिकारों पर भी प्रश्न चिन्ह लग सकता है। अगर ऐसा हुआ तो उपाध्यक्ष को वित्तीय अधिकार मिल सकते हैं। खासकर अध्यक्ष के रवैए से अधिकांश पार्षदों में नाराजगी है।

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