नगर में स्थित जैन मंदिर में रविवार की सुबह एक कार्यक्रम आयोजित कर भगवान की प्रतिमाओं का जल बिहार कराया गया। जल बिहार नगर के जैन मंदिर से शुरू होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए वापिश जैन मंदिर पहुंचा। जहां पर भगवान की शांति धारा कर प्रतिमाओं को विराजमान किया गया। इससे पहले शनिवार की दोपहर जबलपुर से आए ब्रह्मचारी सुरेंद्र भैय्या द्वारा याग मंडल विधान कराया गया।
दिगंबर आदिनाथ जैन मंदिर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा पिछले दिनों मंदिर भगवान अजितनाथ, पद्मप्रभु, शांतिनाथ, मुनि सुब्रतनाथ सहित नेमिनाथ भगवान की प्रतिमाएं स्थापित कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जैन समाज के लक्ष्मीचंद्र जैन, नरेंद्र कुमार जैन, प्रमोद कुमार, रविंद्र कुमार जैन, प्रेमचंद्र, प्रमोद कुमार ने भगवान की प्रतिमा स्थापित करने की जिम्मेदारी उठाई। जिस पर सभी लोगों ने जयपुर से प्रतिमाएं मंगवाकर सतना में आयोजित पंच कल्याणक कार्यक्रम में मुनि समय सागर महाराज द्वारा प्रतिमाओं को सूर्य मंत्र देकर प्राण प्रतिष्ठा की गई।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद शनिवार की सुबह जबलपुर से आए ब्रह्मचारी सुरेंद्र भैय्या सहित अन्य लोगों ने नगर में स्थित जैन मंदिर में स्थित वेदी क्रमांक 2 में प्रतिमाओं को विराजमान किया। याग मंडल विधान में सौधर्म इंद्र का पात्र राजेंद्र कुमार जैन बरेली वाले, सनत कुमार इंद्र का पात्र प्रमोद कुमार जैन, महेंद्र इंद्र का पात्र प्रमोद कुमार, रविंद्र कुमार, इशान इंद्र का पात्र एडवोकेट लक्ष्मीचंद्र जैन, कुबेर इंद्र का पात्र आर्जव जैन बरेली वालों को बन ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस दौरान नगर सहित हरपालपुर, मऊसहानियां, अलीपुरा सहित आसपास सहित अन्य जगहों के जैन समाज उपस्थित रहा। शनिवार और रविवार की रात मंदिर में संगीतमय महारती का आयोजन और रविवार की सुबह जल बिहार के बाद मानस भवन में स्नेह भोज का आयोजन किया गया।
नाैगांव। शोभायात्रा में शामिल जैन समाज के लोग।