पिता की स्मृति में बेटों ने गाय और मानव सेवा के लिए खोले प्याऊ
नगर में स्थित हरिजन छात्रावास के पास के राजपूत परिवार के युवा भाइयों ने अपने पिता की स्मृति में गौ सेवा व मानव सेवा शुरू की है। इसके तहत इन लोगों ने आवारा घूमने वाली गायों और मनुष्यों के लिए प्याऊ शुरू कराए हैं। इसके साथ ही पेड़ पर मिट्टी के बर्तन को टांगकर पक्षियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी की है।
हरिजन छात्रावास के सामने के ब्रजलाल राजपूत का कई वर्षों पहले एक दुर्घटना में निधन हो गया था। उनकी स्मृति में उनके बेटे राम सिंह राजपूत और रविंद्र सिंह राजपूत द्वारा अपने घर के बाहर गर्मी के मौसम में आवारा घूमने वाली गायों सहित अन्य जानवरों के लिए बड़ी-बड़ी 5 सीमेंट की होदी रखकर जानवरों के लिए प्याऊ शुरू किया है। इसके साथ ही दोनों भाइयों ने लोगों के पीने के लिए भी मिट्टी के घड़ों में आरओ का पानी भरकर प्याऊ शुरू किया है। साथ ही आसमान में उड़ने वाले पक्षियों के लिए पेड़ पर मिट्टी के बर्तन टांगकर बेजुवान पक्षियों के लिए प्याऊ शुरू किया है। आने वाले दिनों में दोनों भाइयों ने नगर में स्थलों का चयन कर जानवरों और मनुष्यों के लिए प्याऊ खोलने की बात कही है। रविंद्र ने बताया कि उनके पिता हमेशा से गाय की सेवा करती थे, इसलिए उन्होंने इस गर्मी में मनुष्यों के प्याऊ के साथ गायों के पानी पीने के लिए प्याऊ शुरू करवाया है। आने वाले दिनों में नगर के कई स्थानों पर प्याऊ शुरू किए जाएंगे।