धर्म के मार्ग से ही होगा कल्याण
हरनावां| गांव ढूंढिया के राजपूत समाज भवन परिसर में चल रही 5 दिवसीय नानी बाई मायरो कथा के तीसरे दिन कथावाचक महाराज चंद्रकांत दाधीच ने कहा कि अंजार नगर से जूनागढ़ जाने की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। कथा प्रसंग में उन्होंने बताया कि धर्म की अपेक्षा किसी दूसरे से न करके स्वयं को धर्म करना चाहिए। धर्म का मार्ग ही जीवों के कल्याण का साधन है। इस मार्ग पर चलकर ही वैतरणी से पार उतरा जा सकता है। तीसरे दिन कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।