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नशे से बच्चों का शारीरिक व बौद्धिक विकास रुकता है : चमन

3 वर्ष पहले
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नवांशहर| नजदीकी गांव लधाना उच्चा में रेडक्रास नशा मुक्ति केंद्र द्वारा नशा विरोधी जागरूकता कैंप लगाया गया। जिसकी प्रधानगी गांव की सरपंच गुरदीप कौर और सरकारी एलिमेंट्री स्कूल के मुख्य अध्यापक तरलोचन सिंह ने की। प्रोजेक्ट डायरेक्टर चमन सिंह ने बताया कि बदलती सामाजिक मान्यताएं, कुछ नया करने की चाहत, तनाव ऐसे कारण हैं, जिनकी वजह से समाज में नशे का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसके शिकार युवा वर्ग ज्यादा है। उन्होंने बताया कि युवाओं में नशे की शुरूआत आमतौर पर स्कूल के अंदर मीठी सुपारी और सादे मसाले से होती है, जो धीरे-धीरे तंबाकू युक्त गुटखा और सिगरेट से होती हुई नशीली दवाइयों तक जा पहुंचती है। उन्होंने बताया कि नशे के साथ इंसान को टीबी, काला पीलिया, कैंसर, आंखों की बीमारियां व एड्स आदि हो सकते हैं। वहीं नशा करने वाला व्यक्ति आर्थिक मंदहाली, सामाजिक नफरत का शिकार होने लगता है। इस मौके पर तरलोचन सिंह, हरविन्दर सिंह और गांव के पंच जसपाल चंद, स्कूल के स्टाफ, विद्यार्थी और गांव निवासी हाजिर थे।

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