गरीबों व बेघरे लोगों को पांच मरले का रिहायशी प्लाट देने की मांग को लेकर पेंडू मजदूर यूनियन की ओर से जल्द ही संघर्ष शुरू किया जाएगा, जिसके लिए यूनियन की ओर से बैठकों का दौर भी शुरू कर दिया गया है।
इस संबंध में हुई बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश नेता महिंदर सिंह खरैड़ा व इंडियन फैडरेशन के नेता कुलविंदर बड़ैच ने कहा कि कैप्टन सरकार का एक साल पूरा हो चुका है, मगर सरकार ने इस समय के दौरान बता दिया है कि कैप्टन सरकार गरीब व मजदूरों के हक की सरकार नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने चुनावों से पूर्व ग्रामीण मजदूरों के साथ 5-5 मरले के प्लाट देने का वायदा किया था। जबकि इस संबंध में बाकायदा नोटिफिकेशन भी जारी किए गए हैं, मगर इसके बावजूद प्लाट जारी नहीं किए गए।
हालात यह हैं कि केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से एससी-एसटी एक्ट की धाराओं को नरम कर रही है जो संबंधित वर्गों पर सामाजिक दवाब बरकरार रखने की सरकार की साजिश है। नेताओं ने कहा कि संगठन मांग करता है कि पंचायती जमीनों में कानून के अनुसार तीसरा हिस्सा बहाई योग्य भूमि से दिया जाए। इस दौरान पेंडू मजदूर यूनियन नेता बगीचा सिंह ने कहा कि मजदूरों से प्लाटों के लिए आवेदन जरूर ले लिए गए, मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। सरकार गरीबों को दी जा रही घरों की मुफ्त बिजली की सुविधा भी छीन रही है।
यही नहीं आन लाइन अप्लाई करने के नाम पर लोगों को भलाई योजनाओं से दूर किया जा रहा है। बैठक के उपरांत यूनियन की सड़ोया यूनिट का भी चुनाव किया गया, जिसमें सुरिंदर पाल को प्रधान, सुखविंदर कौर को सचिव, जसवंत सिंह को संगठनात्मक सचिव, हरबंस कौर, महिंदर कौर, सत्या देवी, संजीव कुमार, दविंदर कुमार, आशा रानी, जोग राज, दविंदर कुमार, आशा रानी, र| कौर, सुरजीत कौर, कशमीर कौर, विनोद कुमार को सदस्य चुना गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की लोक विरोधी नीतियों के कारण जनता दुखी है और परेशानी का सामना कर रही है। उन्होने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के लिए जनता से झूठे वायदे किए और अब लोगो को सुविधाएं न देकर उनसे धोखा किया जा रहा है जिस कारण लोग संघर्ष के रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हो रहे हंै। उन्होेंने कहा कि पेंडू मजदूर यूनियन जरूरतमंदों को उनके हक दिलाकर ही रहेगी और उनका पूरा साथ देगी।