पंचायत समिति व परिषद के कर्मियों का धरना जारी
पंचायत समिति व जिला परिषद के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर मंगलवार को 21वें दिन भी धरना जारी रखा। कर्मचारियों ने धरने के दौरान पंजाब सरकार पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदेश कमेटी के सदस्य जीवन लाल ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों का वेतन खजाना दफ्तर के जरिए दिया जाए और हर महीने की 1 तारीख को उनका वेतन जारी किया जाए, मुख्य दफ्तर द्वारा कर्मचारियों की पांच सालों की आमदन व खर्च संबंधी भेजे परफार्मे बीडीपीओ से मुकम्मल करवाकर मुख्य दफ्तर में भेजे जाए, कर्मचारियों के वेतन व सीपीएफ के पैसे के दुरुपयोग संबंधी मजिस्ट्रेट/विभागीय जांच करवाई जाए, पेंडू विकास व पंचायत मंत्री के साथ फरवरी 2018 में हुई मीटिंग में लिए फैसले के अनुसार कर्मचारियों के सभी खातों में बीडीपीओ के हस्ताक्षर के साथ पंचायत अफसर या सुपरिटेंडेंट को सांझे खाते आपरेट करने के लिए व पंचायत समिति का प्रस्ताव जरूरी करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाए। कर्मचारियों का बकाया सीपीएफ तुरंत जारी किया जाए। जिन कर्मचारियों पर कोई भी पेंशन स्कीम लागू नहीं है, उन्हें वित्त विभाग की हिदायत अनुसार पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए, पंचायत अफसरों व सुपरिंटेंडेंटों व बीडीपीओ की पोस्टों की पदोन्नति करने संबंधी मंत्री की अध्यक्षता के आधार पर नियम बनाए जाए। धरने में सुखविंदर कुमार, राज कुमार, बिशंभर लाल, सुखविंदर सिंह, संजीव कुमार, अमरजीत सिंह, नवनीत गुप्ता, सुखमिंदर सिंह, अशोक कुमार, सोनू गौतम, कुलदीप सिंह, सर्बजीत सिंह, मुखत्यार सिंह, लखविंदर सिंह आदि शामिल थे।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते पंचायत समिति व जिला परिषद के सदस्य।