मार्च में हेल्थ विभाग ने भरे खाद्य पदार्थों के 36 सैंपल
पिछले महीने हेल्थ विभाग की टीमों ने कई जगहों पर खाद्य पदार्थों के 36 सैंपल भरे, जिन्हें जांच के लिए लेबोरेटरी भेजा गया है। यह जानकारी फूड कमिश्नर मनोज खोसला ने दी। उन्होंने बताया कि हेल्थ विभाग ने राज्य सरकार की हिदायत पर फूड सेफ्टी एक्ट के तहत वर्ष 2017 में 343 दुकानदारों के लाइसेंस बनाए गए। वहीं 2018 में 40 दुकानदार लाइसेंस बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि खासकर रेहड़ी, ढाबों पर काम करने वाले व्यक्ति हमेशा टोपी दस्ताने का प्रयोग करें, नहीं तो विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा। उनके लिए वाइट कालर का ड्रैस कॉर्ड तय किया गया है, जिसे काम के समय पहनकर रखा करें। हाथों के नाखून कटे होने चाहिए। इसके अलावा विभाग ने दुकानदारों और रेहड़ीवालों को जागरूक करने के लिए कैंप भी लगाए जाते है।
फूड कमिश्नर मनोज खोसला ने बताया कि 12 लाख रुपए तक सेल वाले को लाइसेंस अप्लाई करने वालों की सरकारी फीस बहुत कम है। इसके लिए केवल एक सौ रुपए सालाना खर्च करने पड़ते है। 12 लाख के बाद ऊपर अलग स्लैब बनाया गया है। लाइसेंस न बनाने की सूरत में दुकानदार व रेहड़ीवाले को छह माह की सजा व पांच लाख का जुर्माना होगा।
फूड कमिश्नर मनोज खोसला