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शहर के एकमात्र सरकारी स्कूल में एडमिशन के लिए मारामारी; सीटें 300, आवेदन आए 700
शहर में सिर्फ एक ही सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल होने और उसमें इस साल से इंग्लिश मीडियम शुरू होने की चर्चाओं के चलते एडमिशन के लिए मारामारी शुरू हो गई है। प्लस वन साइंस, आर्ट्स व कामर्स की करीब 300 सीटों के लिए सात सौ आवेदन आ चुके हैं। स्कूल में छठी, नौवीं व प्लस वन में नई एडमिशन के लिए कुल एक हजार के करीब आवेदन मिल चुके हैं। स्कूल की ओर से प्लस वन में एडमिशन के लिए नौंवी के नंबर, दसवीं के प्री बोर्ड एग्जाम व एंट्रेंस टेस्ट को आधार बनाया गया है और इन्हीं के आधार पर अब तक की गई एडमिशन में साइंस में 76 प्रतिशत पर कट ऑफ लिस्ट गई है जबकि कामर्स में एडमिशन के लिए 75.54 और आर्ट्स में 74. 61 अंकों वालों को ही जगह मिल पाई है। वोकेशन रखने वालों की कट ऑफ लिस्ट जरूर 60 प्रतिशत तक गई है।
स्कूल के प्रिंसिपल सर्बजीत सिंह कहते हैं कि स्कूल में हर साल छठी, नौवीं व प्लस वन के लिए दाखिले किए जाते हैं। छठी में दाखिले के इच्छुक अधिकतर विद्यार्थियों को एडमिशन मिल जाती है लेकिन कक्षा नौवीं और प्लस वन में स्टाफ व बुनियादी सुविधाओं को देखते हुए लिमिटेड सीटें रहती हैं, इसलिए मैरिट को तरजीह दी जाती है। प्रिंसिपल सर्बजीत सिंह ने कहा कि इसी स्कूल के विद्यार्थियों को भी पांच प्रतिशत तक की वेटे भी दी जाती है। नौंवी में दाखिला न मिलने से नाराज विद्यार्थियों के बारे में उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों को भी एक एंट्रेस टेस्ट के जरिए एक और मौका दिया जाएगा, जिसमें पास होने पर इनका एडमिशन कर लिया जाएगा।
स्कूल लेगा एंट्रेंस टेस्ट, 20 अप्रैल के बाद आएगी दूसरी कट आॅफ लिस्ट
रोष
एडमिशन न मिलने से नाराज स्कूल के पुराने विद्यार्थी और उनके अभिभावक नारेबाजी करते हुए।
पुराने विद्यार्थियों का नौंवी में एडमिशन के लिए टेस्ट लेने के फैसले का विरोध
दूसरी कट ऑफ लिस्ट 20 को लगाई जा सकती है, सिफारिशों का दौर शुरू
पहली हाई कट ऑफ लिस्ट में स्कूल के ही पुराने छात्रों को एडमिशन नहीं मिल पा रही। पहली लिस्ट में आए विद्यार्थियों की कक्षाएं भी 11 अप्रैल से शुरू हो चुकी हैं। अब तक हुए दाखिलों पर नजर डालें तो प्लस वन साइंस ग्रुप में कुल 92वें बच्चे पहली सूची में दाखिल किए गए हैं, जिनमें से सिर्फ 12 इसी स्कूल से दसवीं की परीक्षा में बैठे हैं। इसी तरह कामर्स 61 में से छह और आर्ट्स के 49 में से 16 बच्चे इसी स्कूल के पुराने विद्यार्थी हैं। स्कूल में एडमिशन को लेकर मची हाय तौबा के बीच सिफारिशों का दौर भी शुरू हो गया है और स्कूल प्रबंधक अब एडमिशन के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एंट्रेस टेस्ट रखने वाले है, जिसके बाद 20 अप्रैल के आसपास दूसरी कट ऑफ लिस्ट लगाई जा सकती है। बता दें कि अभी तक स्कूल में छठी के लिए 138, नौंवी के लिए 180 और प्लस वन के लिए लगभग 700 विद्यार्थी फार्म ले चुके हैं। सीटों की बात करें तो छठी व नौंवी में 110-110 ही सीटें हैं, जबकि प्लस वन साइंस, कामर्स व आर्ट्स स्ट्रीम में करीब 300 ही विद्यार्थी रखे जा सकते हैं।
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से ही आठवीं की पढ़ाई करने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों ने अब नौंवी में एडमिशन के लिए मैरिट बनाने व टेस्ट आदि रखने का विरोध किया है। मंगलवार को ये बच्चे व अभिभावक प्रिंसिपल के साथ मुलाकात करने के लिए स्कूल भी पहुंचे। उनका कहना है कि उनके बच्चे शुरू से इसी स्कूल में पढ़ते हैं और ऐसे में उन्हें दाखिला जरूर मिलना चाहिए। उधर, स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि आठवीं तक तो फेल न करने की नीति के कारण ये बच्चे प्रमोट हो जाते हैं लेकिन अब इन्हें टेस्ट के जरिए एक और मौका दिया जाएगा।