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गांव की बेटियां बन रहीं महिला क्रिकेट की पहचान

3 वर्ष पहले
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आज तक क्रिकेट को लड़कों और बड़े शहरों का खेल माना जाता रहा है। लेकिन नवांशहर में इस मिथक को स्कोहपुर, साहलों व घटारों आदि की बेटियों ने तोड़ दिया है। मिताली राज की तरह ही नवांशहर के गांवों की बेटियों में भी दूसरी टीमों के छक्के छुड़ाने के जज्बा दिखाई देने लगा है। यही वजह है कि नवांशहर जिले की पहली क्रिकेट टीम के 14 में से 11 खिलाड़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से ही है। जिले में अब तक महिला क्रिकेट की पहचान गांव स्कोहपुर की दो सगी बहनों प्रतिभा व गुरविंदर ही रहीं।

वे अंडर-19 व अंडर-17 स्कूल गेम्स में पंजाब का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं, लेकिन टीम पूरी न होने की वजह से उन्हें आज तक जिला किक्रेट एसोसिएशन की ओर से जिले का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिल पाया था। लेकिन अब कोच प्रवीण सिंह व इंद्र रल्हण की कोशिशों से जिले की पहली महिला क्रिकेट टीम बन गई है तथा इस टीम में के 14 में से 11 खिलाड़ी साहलों स्कूल व इसके आसपास के गांवों स्कोहपुर, घटारों, चाहलखुर्द व कमाम आदि से ही हैं। पशहर की बात करें, तो टीम में शामिल विकास नगर की गौरी शर्मा तथा मात्र तेरह साल की मुस्कान भी क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। स्कोहपुर की प्रतिभा व गुरविंदर को देख बेटियों का हौंसला बढ़ा है। नवांशहर डिस्ट्रिक्ट क्रि केट एसोशिएशन के कोच प्रवीण सिंह कहते हैं कि पहले लोग बेटियों को क्रिकेट खेलने के लिए भेजने से कतराते थे, क्योंकि बहुत कम लड़कियां क्रिकेट खेलने आती थीं, लेकिन एसोसिएशन की ओर से प्रैक्टिस सेशन में पेरेंट्स को भी ग्राउंड में आने की अनुमति दी गई तथा फिर धीरे धीरे लोगों ने बेटियों को खेलने के लिए भेजना शुरू कर दिया। ऐसे में बेटियों में भी इन दिनों क्रिकेट काफी फेमस हो रही है तथा इन गांवों की लड़कियां क्रिकेट में शहर की लड़कियों से ही नहीं, बल्कि लड़कों से भी किसी तरह कम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि टीम में प्रतिभा, गुरविंदर, कोमलप्रीत, सनप्रीत, प्रभजोत कौर, रमनदीप कौर, तरनजोत, गौरी शर्मा व मुस्कान शामिल हैं।

महिला खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करवाते कोच प्रवीण सिंह और (दाएं) एनडीसीए की महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ी। -भास्कर

क्रिकेट में भी नाम कमाएंगी बेटियां : सरीन

नवांशहर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सेक्रेटरी पीके सरीन कहते हैं कि हर खेल में बेटियां नाम कमा रही हैं। कामनवेल्थ गेम्स में ही बेटियों ने भारत के लिए अधिक पदक जीते हैं। इस बार एनडीसीए की ओर से पहली बार इंटर डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट के लिए महिला क्रिकेटरों की टीम भेजी जा रही है। इस बार अंडर-19 व सीनियर टीम का चयन किया जा रहा है। इसकी जानकारी पीसीए को भेजी जा रही है। लड़कियों को क्रिकेट में बढ़ावा देने तथा उनके लिए विशेष प्रैक्टिस कैंप का भी आयोजन किया जाएगा।

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