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परिजनों के हंगामा करने पर गर्भवती को 1 घंटे बाद किया इमर्जेंसी में भर्ती
सिविल अस्पताल में सोमवार को एक गर्भवती को इमर्जेंसी में दाखिल करने से इंकार कर दिया। इससे गुस्साए महिला के परिजनों ने हंगामा किया तो एक घंटे बाद गर्भवती को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। गर्भवती मनीषा रानी निवासी गढ़शंकर रोड के पिता किशन ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े 9 बजे मनीषा रानी को लेबर पेन शुरू हो गया। परिजन उसे पहले राहों सिविल अस्पताल में ले गए। यहां डॉक्टर ने उसकी हालत को देखते हुए उसे नवांशहर सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन उसे 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले आए, लेकिन यहां पहुंचने पर इमर्जेंसी स्टाफ ने जांच के बाद गर्भवती महिला को दाखिल करने से इंकार कर दिया। महिला के पिता किशन ने बताया कि उनके हंगामा करने के बाद ठीक एक घंटे बाद उनकी बेटी को अस्पताल में दाखिल कर लिया गया। पिता ने आरोप लगाए कि अस्पताल में टेस्ट मशीन न होने के कारण उन्हें बाजार से महंगे टेस्ट करवाने पड़े जबकि राज्य सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए कई फ्री सुविधाएं उपलब्ध हैं।
महिला के पिता किशन जानकारी देते हुए।
विधायक अंगद सिंह ने की फोन पर एसएमओ से बात
गर्भवती महिला के पिता किशन ने स्थानीय कांग्रेस विधायक अंगद सिंह को इस बारे में बताया, तो उन्होंने तुरंत एसएमओ हरविंद्र सिंह से फोन पर बात की। उन्हें आदेश दिए कि मरीज का इलाज पहल के आधार पर किया जाए।
बच्चा कमजोर था, इसलिए रेफर किया : एसएमओ
एसएमओ डाॅ. हरविंद्र सिंह ने बताया कि गर्भवती महिला का बच्चा कमजोर था। इसलिए उसे पीजीआई रेफर करने के लिए बोला था। लेकिन, अब उसे इमर्जेंसी में 24 घंटे के लिए रखा गया है। अस्पताल में कोई बच्चों का स्पेशलिस्ट डॉक्टर नहीं है।