- Hindi News
- National
- बैसाखी पर श्रद्धालुओं ने किया सरोवरों में स्नान, गुरुद्वारों में धार्मिक दीवान सजे
बैसाखी पर श्रद्धालुओं ने किया सरोवरों में स्नान, गुरुद्वारों में धार्मिक दीवान सजे
बैसाखी पर्व पर करवाए कार्यक्रमों के अन्तर्गत राहों के विभिन्न स्थानों पर लंगर सेवा करते हुए श्रद्धालु।
भास्कर संवाददाता | राहों/नवांशहर
शनिवार को खालसा पंथ स्थापना दिवस एवं बैसाखी पर्व जिले में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। स्नान करने वालों की सुबह से ही सरोवरों व सतलुज दरिया में भीड़ जुटने लगी थी। लोगों ने जगह जगह लगे लंगर व मेलों का आनंद भी उठाया। लोगों ने बैसाखी पर मंदिरों व गुरुद्वारों में जाकर नमन किया व प्रसाद ग्रहण किया। फसलों के पकने की खुशी में कुछ किसान खुश नजर आ रहे थे। शहर के कई लोग बैसाखी नहाने के लिए अमृतसर, कुरुक्षेत्र, कुशालगढ़, श्री आनंदपुर साहिब एवं हरिद्वार भी गए। इस दिन का लोगो ने खूब आनंद उठाया। नहाने व समान की खरीददारी के बाद कुछ लोग गेहूं की बलियां भी घर को लेकर आए। राहगीरों के लिए लोगों ने गन्ने के रस, पकौड़ों व अन्य पकवानों के लंगर भी लगाए हुए थे। बैसाखी के अवसर पर सुबह सूरज कुंड सरोवर पर सुबह श्री रामायण जी के पाठ के बाद हवन ïयज्ञ के बाद महिलाओं ने संकीर्तन किया। दोपहर बाद लंगर भी लगाया गया। कुछ लोगो ने सतलुज दरिया पर भी स्नान किया। माछीवाड़ा रोड पर पीर की दरगाह के पास धार्मिक आयोजन के बाद लंगर लगाया गया। सूरज कुंड के पास व गांव हियाला में भी संगत के लिए विशेष लंगर लगाए हुए थे। नवांशहर में माई हस्सी, बरनाला गेट के पास पीर की दरगाह पर संगत ने स्नान किया। देर शाम को लोगो ने जलेबियों की खूब खरीददारी की और बैसाखी का पर्व धूमधाम से मनाया।
नवांशहर के श्री गुरुद्वारा टाहली साहेब में सुबह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के रखे पाठों का भोग डाला गया, इसके बाद रागी जत्थों ने गुरु जी की महिमा का गुणगान किया। संगत के लिए लंगर लगाया गया।