श्री राम शरणम् आश्रम टीचर कालोनी में सत्यानंद महाराज के शिष्य ब्रह्मचारी श्री राम प्रकाश जी का जन्मोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। आश्रम में सबसे पहले सबसे पहले श्री अमृतवाणी जी का पाठ हुआ। इसके बाद सतसंग हुआ, जिसमें साधक महेश ने गुरु के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि गुरु अंधकार से निकाल कर प्रकाश की ओर लेकर जाता है। हमें अधिक से अधिक समय नाम जाप में लगाना चाहिए, प्रभु की गोद में जाने के लिए सरल व सहज उपाय प्रभु की सिमरन ही है। प्रभु की तप व सिमरन ग्रहस्थ जीवन में रह कर भी किया जा सकता है। गुरु आज्ञा में रह कर विषयों को त्याग कर मोक्ष का द्वार शीघ्र मिल जाता है। गुरु जग के तारणहार है। गुरु के बिना हम भवसागर से पार नहीं हो सकते, जैसे अंधे को लाठी का सहारा लिए बिना मार्ग नहीं पता चलता वह ठोकरे खाता है। उसी तरह गुरु जो कि पथ प्रदर्शक है। उनके बिना मोक्ष द्वार तक पहुंचना अत्यंत कठिन है। अत: गुरु को आदर सम्मान दे, आज्ञा में रहे, आशीर्वाद व कृपा के पात्र बने। अंत में गुरु के जन्मोत्सव पर मंगल गीत सुनाए गए। उन्होंेने उपस्थित संगत को प्रभु सिमरन करके अपना जीवन सफल बनाने के लिए प्रेरित किया ताकि भवसागर से पार हो सकें और जीवन से मुसीबतों और दुखों को दूर करके जीवन सुखी और खुशहाल बनाया जा सके। इसके लिए प्रभु सिमरन बहुत जरूरी है और इसे जरूर करना चाहिए।
टीचर कालोनी के श्री राम शरणम् आश्रम में प्रवचन कार्यक्रम करवाया
टीचर कालोनी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।