कर्मी बोले-वेतन दो, मैनेजमेंट ने कहा-सरकार देगी तो देंगे
पांच महीने से वेतन न मिलने से गुस्साए सुविधा सेंटर के कर्मचारियों ने शुक्रवार को कामकाज बंद रख कर कंपनी व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करके डिप्टी कमिश्नर को मांगपत्र सौंपा। दोपहर को बीएलएस इंटरनेशनल कंपनी के जोनल हेड विशाल जांजी, ऑपरेशन हेड शैशव कर्मचारियों को मनाने के लिए आए। वे सारा दिन उनके साथ माथापच्ची करते रहे मगर उन्हें समझाने में कामयाब नहीं हो पाए। जोनल हेड विशाल जांजी ने बताया कि कंपनी को पेमेंट प्रशासनिक सुधार विभाग से आती है जोकि पांच महीने से रिलीज नहीं गई। इस बारे कंपनी के उच्चाधिकारियों की प्रशासनिक सुधार विभाग से बातचीत चल रही है, उम्मीद है कि थोड़े दिनों में मसला हल कर लिया जाएगा। वहीं, कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने सरकार के पास नौकरी के लिए अप्लाई नहीं किया था, उन्होंने कंपनी में अप्लाई किया था और नौकरी भी कंपनी में ही की है। इसलिए कंपनी ही उनकी सैलरी का इंतजाम करे।
बता दें कि पंजाब में जितने सुविधा केंद्र चल रहे हैं, उनके कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला, जिस कारण उनका घर का गुजारा मुश्किल हो रहा है। इसी वजह से सभी सुविधा सेंटरों के कर्मी काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे लोगों का काम पर काफी असर हो रहा है। खास कर वे लोग जिन्हें दूरदराज से आना पड़ता है।
मैनेजमेंट समझाने को सारा दिन करती रही माथापच्ची
कंपनी की ओर से वेतन जारी न किए जाने के विरोध में नारेबाजी करते सुविधा केंद्र के कर्मचारी।
‘प्रबंधक देते हैं धमकी’
सेवा केंद्र के ऑपरेटरों ने बताया अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने पर प्रबंधक कमेटी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने की धमकी दी है। वैसे भी वे नौकरी का टाइम ज्यादा यानी दस घंटे देते हैं। उन्होंने बताया कि एक सैलरी देकर 90 दिन पेंडिंग यानी अगले दो माह की सैलरी कंपनी के खातों में खड़ी रहती है। फिर उन्हें कंपनी के खिलाफ संघर्ष करना पड़ता है, तब उनकी एक महीने की सैलरी खाते में आती है।