जेसीबी की इजाजत नहीं, निशानदेही के बाद चार खड्डों पर काम शुरू
जिला नवांशहर की चार रेत माइनिंग खड्डों पर विभाग ने निशानदेही करवाने के बाद माइनिंग की मंजूरी दे दी है लेकिन नई पॉलिसी आने तक ठेकेदारों को मैन्यूअली ही रेत निकालनी होगी। इसके अलावा विभाग ने ठेकेदारों को सख्ती से हिदायत की है कि वे सिर्फ अपनी तय जमीन से ही रेत उठाएं न कि इधर-उधर से।
बता दें कि मार्च महीने के पहले हफ्ते में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जिले की रेत खड्डों पर होती अवैध माइनिंग की फोटो सोशल मीडिया के जरिए जारी कर अधिकारियों को कार्रवाई का आदेश दिया था। पुलिस ने इसके बाद जिले के छह माइनिंग ठेकेदारों सहित कई ड्राइवरों पर भी मामले दर्ज किए थे। पुलिस ने ड्राइवरों को तो जेल भेज दिया लेकिन ठेकेदार अपनी अग्रिम जमानत करवाने में कामयाब हो गए। उधर, पुलिस की कार्रवाई के बाद से ठेकेदारों ने माइनिंग ही पूरी तरह बंद कर दी थी और रेत के दाम आसमान छूने लगे। उसके बाद प्रशासन ने लगातार ठेकेदारों पर काम शुरू करने का दबाव बनाया लेकिन ठेकेदार सीमित मशीनरी के उपयोग की मांग करने लगे।
अब जिला प्रशासन ने निशानदेही करवा मैन्युअल माइनिंग शुरू करवा दी है और कहा है कि अगर सरकार ने पॉलिसी में बदलाव कर मशीनों के इस्तेमाल की मंजूरी दी तो ठेकेदारों को इन्हें इस्तेमाल करने दिया जाएगा। माइनिंग विभाग के सुदेश कुमार ने बताया कि विभाग ने सभी चारों रेत खड्डों की जमीन जो तय की है, उस पर रेवन्यू विभाग से निशानदेही करवाकर बुर्जियां लगवाई गई हैं ताकि ठेकेदार निशानदेही के भीतर रह कर ही रेत की निकासी करें। इसके अलावा प्रशासन ने निगरानी के लिए टीमें भी बनाई हैं ताकि कहीं भी अवैध माइनिंग न हो।