वोटर नाराज न हों, इसलिए नगर कौंसिल की बैठक में पांच मरले से कम के घरों को पानी व सीवरेज के बिल लगाए जाने संबंधी प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेसी और अकाली पार्षद एकजुट हो गए। सभी ने एकसुर में कहा कि वे न तो पांच मरले से कम जमीन के घरों से बकाया लेने के पक्ष में हैं और न ही नए सिरे बिल लगाने के पक्ष में हैं।
नगर कौंसिल की मासिक मीटिंग में जैसे ही पानी-सीवरेज के बिल लगाने का प्रस्ताव पड़ा गया तो ईओ अमरीक सिंह और इंस्पेक्टर नवीन गोयल ने इस संबंधी जानकारी दी कि कैग की ओर से नगर कौंसिल नवांशहर पर तीन करोड़ के करीब बकाया निकाला है। सरकार की ओर से 2006 में ये बिल माफ किए गए थे लेकिन 2009 में इन्हें फिर से लगा दिया था। उन्होंने बताया कि नवांशहर सहित कई नगर कौंसिलों ने 2009 से बिल वसूला ही नहीं और अब तक ये रुपए लगभग तीन करोड़ हो चुका है। सभी पार्षदों के विरोध के बाद इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया।
पार्षद चोपड़ा और परम ने शहर में सफाई व वार्ड में काम न होने के मुद्दे उठाए
सरकार के उल्ट नहीं जा सकते, बिल लगाने को लिखेंगे : ईओ अमरीक सिंह
बैठक में पार्षद वरिंदर चोपड़ा और परम खासला के सवालों का जबाव देते कौंसिल प्रधान ललित मोहन पाठक।
पार्षद मक्खन सिंह ग्रेवाल और डीएसपी के तेवरों से सभी हैरान
कौंसिल की मीटिंग में अकसर शांत रहने वाले पार्षद मक्खन सिंह ग्रेवाल के सोमवार की मीटिंग में तेवर से सभी हैरान थे। उन्होंने शहर में सफाई का मुद्दा उठाते हुए सफाई कर्मचारियों व सेनेटरी इंस्पेक्टर से सवाल किए। उन्होंने वार्ड में विकास कार्यों का भी मुद्दा उठाया। डीएसपी महिंदर सिंह के तेवर भी तीखे थे और उन्होंने कर्मचारियों से संबंधित मुद्दों को उठाया।
पिछली मीटिंग में पास बिल से कम लगे शहर में फ्लेक्स : पार्षद चोपड़ा
मीटिंग में शहर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगाए जागरूकता फ्लेक्सों को लेकर भी खूब हंगामा हुआ। मीटिंग शुरू होने से पहले ही पार्षद वरिंदर चोपड़ा ने कहा कि शहर में फ्लेक्स उतनी जगह लगे ही नहीं, जिनता बिल पिछली मीटिंग में पास करवाया गया था। बता दें कि फ्लेक्स लगाने के लिए पिछली मीटिंग में करीब एक लाख रुपए का बिल पास किया गया था, जिसकी पुष्टि से पहले पार्षद चोपड़ा और परम खालसा के एतराज के बाद कौंसिल प्रधान ने ईओ व एसओ को हिदायत की कि फ्लेक्स की पेमेंट पूरी जांच के बाद ही की जाएगी। इसके अलावा बैठक में करीब छह करोड़ के विकास कार्यों पर भी मोहर लगाई गई और कर्मचारियों से संबंधित दस अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए। मीटिंग में बलबीर सिंह उस्मानपुर, कमलजीत लाल, सचिन दीवान, मक्खन सिंह ग्रेवाल, डीएसपी महिंदर पाल, विनोद पिंका, मंजीत कौर, जिंदरजीत कौर, गुरप्रीत कौर, कुलवंत कौर, बलविंदर कौर, संतोष कुमारी मौजूद थीं।
पांच मरले तक के घरों पर सरकार नेे 2009 में ही बिल लगा दिए थे। कौंसिल ने भले ही अब प्रस्ताव पास नहीं किया लेकिन कौंसिल के पारित हर प्रस्ताव पर ईओ अपनी टिप्पणी देते हैं। टिप्पणी में ईओ प्रस्ताव को पारित करने या नहीं करने के पीछे कौंसिल व सरकार को फायदे-नुकसान व नियमों का उल्लेख करते हैं। ईओ अमरीक सिंह कहते हैं कि बिल लगाने संबंधी प्रस्ताव पास किया जाना चाहिए था। सरकार के निर्देश है कि बिल लगाए जाए। वह अपनी टिप्पणी में भी यही लिखेंगे। इसके बाद ये प्रस्ताव डायरेक्टर लोकल बाडीज के डायरेक्टर के पास जाएगा और वहां पर बिल लगाने या न लगाने संबंधी फैसला होगा। नगर कौंसिल के ईओ अमरीक सिंह ने भास्कर से बातचीत करते हुए नियमों का हवाला देते हुए कहा कि वह सरकार के उल्ट नहीं जा सकते। वह अपनी टिप्पणी में बिल लगाने को लिखेंगे।