पंजाब रोडवेज की सांझी एक्शन कमेटी के आह्वान पर नवांशहर डिपो में कर्मचारियों ने सोमवार को गेट रैली की। इस दौरान इंटक कमेटी के प्रदेश ज्वाइंट सेक्रेटरी दविंदर कुमार और इंटक कमेटी के प्रधान दलेर सिंह ने कहा कि सरकार रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को काफी समय से नजरअंदाज करती आ रही है।
उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांग है कि पनबस कंडक्टर वर्कर व ठेके पर भर्ती किए गए मुलाजिमों की तनख्वाह में बढ़ोतरी की जाए, तीन साल कांट्रेक्ट पर नौकरी कर चुके मुलाजिमों को पक्का करने संबंधी सरकार मीटिंग में कह कर मुकर गई है, पिछली अकाली-भाजपा की ओर से मुलाजिमों को पक्के करने के लिए कानून भी बनाया गया है। दिसंबर 2016 में हाईकोर्ट की ओर से निजी बसों के 12210 नाजायज परमिट बंद करने संबंधी फैसला लिया गया जो कि सरकार की ओर से लागू नहीं किया गया, जिसका लाभ प्राइवेट बसों वाले ले रहे हैं। कांग्रेस सरकार ने चुनाव के दौरान वायदा किया था कि 2004 के बाद की भर्ती मुलाजिमों को पुरानी पैंशन स्कीम का लाभ दिया जाए। मुलाजिमों की 22 महीने का डीए का भुगतान करके डीए की बकाया किश्तें रिलीज की जाए, छठे वेतन कमीशन को लागू किया जाए। किलोमीटर स्कीम की बसें बंद की जाएं, यदि सरकार ने उनकी मांगें पूरी न की तो यूनियन की ओर से 23 मई को राज्य के 18 डिपुओं में बसों का चक्का जाम करके एक दिन की हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर कंडक्टर यूनियन के प्रधान रावल सिंह, पनबस कंडक्टर यूनियन के जनरल सेक्रेटरी अशोक कुमार रौड़ी, पनबस यूनियन के प्रधान हरदीप सिंह, कर्मचारी दल के जनरल सैक्रेटरी जसवंत सिंह, ड्राइवर यूनियन के प्रधान मुल्ख राज, वर्कशाप यूनियन के जनरल सैक्रेटरी रमेश चंद, इंटक यूनियन के जनरल सेक्रेटरी मनजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते पंजाब रोडवेज यूनियन के सदस्य।