सत्य ही जीवन को निखारता है : स्वामी ऋषिराज
स्थानीय बरनाला रोड स्थित सिद्घ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर ऋषि कुटिया में भगवान श्री परशुराम जयंती मनाई गई। स्वामी ऋषि राज महाराज ने कहा कि सत्य ही जीवन को निखारता है। सत्य यदि जीवन में आ जाए तो व्यक्ति की तरफ से पूजा जाता है। यदि भगवान श्री परशुराम ने अपने जीवन में सत्य को धारण किया तभी उनका आज अवतार महोत्सव सारी दुनिया में मनाया जा रहा है। भगवान परशुराम को उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने परसा दिया जिस कारण उनका नाम परशुराम पड़ा। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम ने धर्म की रक्षा के लिए अपना सब कुछ सर्वस्व त्याग दिया था आज का इंसान स्वार्थी क्यों बन गया है। हमें भगवान परशुराम जी के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए हमेशा ही तैयार रहना चाहिए। हमें अपना जीवन देश की सेवा व बुराइयों को मिटाने के लिए लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कलयुग में भगवान परशुराम आज भी जीवित हैं। उन्हें भगवान विष्णु का छठा अवतार भी माना जाता है। भगवान परशुराम चिरंजीवी हैं और अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं और उन्हें सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। उन्होेने हमेशा यही उपदेश दिया कि अपने से बड़ों का आदर सत्कार करो और उनकी आज्ञा का हमेशा पालन करो ताकि अपने जीवन में सफल हो सकें। उन्होने कहा कि भगवान परशुराम की कृपा से मनुष्य के सभी पाप नष्ट होते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम जयंती मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है िक आज भी भगवान परशुराम धरती पर जीवंत हैं और घोर तपस्य में लीन हैं। राजस्थान में एक ऐसा मंदिर भी है जिसे भगवान परशुराम ने अपने फारसे से किया था। भगवान परशुराम ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। इस मौके पर आनंद गिरी, महंत सतनाम सिंह, महंत मेला दास, अजीत सिंह मान, कुलदीप द्विवेदी, कांता रानी, राज रानी, पिंकी, जगदीश गुलाटी, प्रदीप शर्मा, जीवन शर्मा, राम स्वरुप जोशी, गोपाल गोगना, सोनू, अमन रानी इत्यादि हाजिर रहे।
सिद्ध नर्मदेश्वर महादेव मंदिर ऋषि कुटिया में भगवान परशुराम जयंती मनाई
भगवान परशुराम की आरती उतारते हुए संगत। -भास्कर