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किसान खेती में रसायनों का प्रयोग कम करके मिशन तंदरुस्त पंजाब में योगदान दें : एसडीएम

3 वर्ष पहले
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प्रशिक्षण कैंप में किसानों को कृषि व किसान भलाई विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी देते अधिकारी।

भास्कर संवाददाता | नवांशहर

मिशन तंदरुस्त पंजाब के तहत वीरवार को गांव हियाला में कृषि व किसान भलाई विभाग ने किसान प्रशिक्षण कैंप लगाया। इसमें एसडीएम डॉ. विनीत कुमार विशेष तौर पर शामिल हुए। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वह खेती में रसायनों का प्रयोग कम कर जैविक खेती की तरफ अपने कदम बढ़ाए। इसके साथ अपनी और समाज की सेहत ठोस व निरोगी होगी और मिशन तंदरुस्त पंजाब में कामयाबी मिलेगी। उन्होंने नशा रोकू मुहिम डीएपीयो के अंतर्गत किसानों को नशे के बुरे प्रभावों संबंधित जागरूक किया और नौजवानों को नशे से दूर रहने की अपील की।

जिला मुख्य कृषि अफसर डॉ. गुरबख्श सिंह ने किसानों से कहा कि भारत सरकार की सोऑयल हेल्थ कार्ड स्कीम का अधिक से अधिक लाभ उठा कर मिट्टी परख के आधार पर ही खादों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ पैसों की बचत होगी, जमीन की सेहत बढ़ेगी और रसायनों के के बुरे प्रभावों से भी निजात मिलेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि बासमती की फसल पर सिफारिश से ज्यादा मात्रा में कीटनाशक/उलीनाशक दवाइयों का इस्तेमाल न करें। इनके ज्यादा इस्तेमाल से दानों में दवाइयों का प्रभाव आ जाता है जोकि मनुष्य की सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। ब्लाक कृषि अफसर डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि धान की फसल में यूरिया पनीरी लगाने के बाद 45 दिनों के अंदर ही डाला जाए। अधिक यूरिया डालने से फसल पर हानिकारक कीड़े और बीमारियों का अधिक हमला होता है और खर्च बढ़ता है और धरती पर वातावरण में जहर की मात्रा बढ़ती है।

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