रिश्वत लेने वाले नायब तहसीलदार और एजेई दो दिन के िरमांड पर
सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों द्वारा अपने स्तर पर रखे जाते कर्मचारियों के जरिए ही रिश्वत का सारा खेल खेला जाता है। यह बात मंगलवार को सामने आई जब विजिलेंस की जालंधर व कपूरथला की टीमों ने बंगा के तहसील दफ्तर और मुकंदपुर के पावरकाम दफ्तर में रेड की। रेड के दौरान जहां दो अधिकारी हत्थे चढ़े, वहीं उनके साथ प्राइवेट तौर पर काम करने वाले दो लोग भी गिरफ्तार हुए। विजिलेंस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए गिरफ्तार किए गए दोनों अफसरों के खातों और इनसे जुड़ी प्रापर्टी की भी जांच शुरू कर दी। वहीं उनके कारिंदों ने रिश्वत लेना भी स्वीकार कर लिया है।
सरकारी दफ्तरों में इन प्राइवेट कारिंदों का होना साफ दर्शाता है कि अधिकारी दफ्तरों में लोगों के प्रति बिल्कुल भी गंभीर नहीं। कुछ समय पहले एसडीएम ने डीटीओ दफ्तर में प्राइवेट मुलाजिमों को वहां से भगा दिया था लेकिन उनकी यह कार्रवाई का शायद कहीं भी किसी दफ्तर में डर नहीं बना। जिले में हालात यह बन गए हैं कि कई दफ्तरों में प्राइवेट कारिंदे काम करते देखे जाते हैं। मंगलवार को भी अफसरों के लिए उनके कारिंदों द्वारा रिश्वत लेने का मामला सामने आया। बता दें कि मंगलवार को विजिलेंस ने बंगा के नायब तहसीलदार धर्मेंद्र और उसके कारिंदे गगनदीप को साढ़े 17 हजार और मुकंदपुर के एजेई जसविंदर कुमार व उसके साथी जोगा चंद को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते काबू किया था।
पुलिस ने आरोपियों को अदालत में किया पेश
विजिलेंस की कपूरथला टीम ने बंगा सिटी के नायब तहसीलदार धर्मेंद्र और उसके प्राइवेट कारिंदे गगनदीप को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि जालंधर टीम ने मुकंदपुर के एजेई जसविंदर कुमार व उसके साथी जोगा चंद को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते काबू किया था। इन दोनों आरोपियों का दो दिन का रिमांड लिया गया।
उच्च रैंक के अफसर दफ्तरों में रखेंगे नजर : डीसी
बंगा और मुकंदपुर में अफसरों के िलए उनके कारिंदों की ओर से रिश्वत लेने के मामले सामने के बाद डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि जिले में उच्च रैंक के अधिकारियों की टीम बनाई जाएगी जोकि दफ्तरों में अफसरों के कामकाज पर विशेष नजर रखने के साथ-साथ रिश्वतखोरी को रोकने पर ध्यान देगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि अगर कहीं भी कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगे तो उनके ध्यान में लाएं। अगर किसी भी दफ्तर में प्राइवेट कारिंदा काम करता मिले तो भी सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिश्वत लेने वालों बख्शा नहीं जाएगा।