गांवों में चुने गए पंचों-सरपंचों की ओर से सरकार द्वारा बनाए गए खुशहाली के रक्षक (गार्जियंस आफ गवर्नेंस) योजना को बंद करने की मांग की है। इस संबंध में सरपंचों-पंचों व ब्लाक समिति सदस्यों की यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम डीसी अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
पंचायत यूनियन पंजाब के वाइस प्रधान भूपिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से पंचायतों के कामकाज को देखने के लिए लगाए गए जीओजी से गांवों के चुने हुए नुमाइंदों का मान-सम्मान कम हो रहा है और इसे बहाल करने के लिए जरूरी है कि सरकार जीओजी योजना को तुरंत बंद करे। उन्होंने सरपंचों को मिलने वाले मान भत्ते का मुद्दा भी उठाया। उपर प्रधान भूपिंदर सिंह ने कहा कि सितंबर 2013 के बाद सरपंचों को मिलने वाला मान भत्ता भी पंजाब सरकार की ओर से बंद कर दिया गया है, जिसका भुगतान तुरंत किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान विभिन्न गांवों के पंचों-सरपंचों ने सरकार की ओर से पंचायती फंडों के इस्तेमाल पर लगाई गई रोक को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की तथा कहा कि सरकार उनकी इन मांगों पर जल्द से जल्द ध्यान दे। मौके पर हयाला के सरपंच बख्शी, किशनपुरा के सरपंच परमजीत, बैरसियां की सरपंच गुरबख्श कौर, पुन्नू मजारा की सरपंच मनजीत कौर, बेगमपुर के सरपंच हरनिरंजन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कमिश्नर को सौंपा पत्र