19 मई को अपनी तोपखाना रेजीमेंट के साथ फील्ड फायरिंग रेंज लूणकरणसर बीकानेर महाजन में युद्ध अभ्यास के बाद मिलिट्री ट्रेन से अन्य सैनिक साथियों के साथ इलाहाबाद लौट रहे उमरावगढ़ गांव निवासी सैनिक नवीन यादव की ट्रेन से गिरकर मौत हो जाने के बाद सोमवार सुबह सैनिक का पार्थिव शरीर सेना एवं उसकी यूनिट के जवानों के साथ एंबुलेंस द्वारा गांव में लाया गया। सैनिक का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव में पहुंचा वैसे ही गांव में कोहराम मच गया। अपने इकलौते बेटे की एक झलक पाने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा। अंतिम यात्रा में सेना के जवानों के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं नीमराना उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बुनकर पंचायत समिति प्रधान सविता मनोज यादव आदि मौजूद रहे। दोपहर को सैनिक का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। जानकारी अनुसार कस्बे के समीपवर्ती उमरावगढ़ गांव के तोपखाना रेजिमेंट के 622 यूनिट के सिपाही नवीन यादव पुत्र अभय सिंह यादव उम्र 21 का महाजन फायरिंग रेंज बीकानेर से युद्ध अभ्यास करने के बाद वापस इलाहाबाद में अपने यूनिट में मिलिट्री ट्रेन द्वारा लौट रहे थे। 19 मई को रात्रि ट्रेन से गिरकर उसकी मौत हो गई। सैनिक की मौत का समाचार सुनते ही क्षेत्र के काफी तादाद में ग्रामीण मृतक सैनिक के गांव पहुंच गए। इस मौके पर नीमराना एसडीएम सुरेश कुमार बुनकर, प्रधान सविता मनोज यादव, ललित यादव, सैनिक रेजीमेंट के सूबेदार शिशुपाल सिंह राठौड़, वेद प्रकाश यादव, राशन डीलर कवरसिंह यादव, दिलीप मुनीम, सरपंच शेरसिंह यादव, धर्मवीर यादव, नरेंद्र राव रामपत आदि मौजूद थे।
घटना कब हुई किसी को कोई खबर नहीं : सैनिक नवीन कुमार यादव रात्रि 12 बजे तक बहनों से वीडियो कॉलिंग द्वारा बातचीत कर रहे थे। इसके बाद वह ट्रेन से कब गिरे इसका सैनिक साथियों को भी पता नहीं है। जबकि उनका मोबाइल उनकी सीट पर ही छूट गया था। इलाहाबाद रूट पर गुजरने वाली ट्रेन के ड्राइवर ने फतेहपुर के समीप ओंग स्टेशन के पास एक सैनिक की ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद स्थानीय जीआरपी पुलिस द्वारा उसके आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेजों से पहचान करते हुए उसके मोबाइल फोन पर मिली कॉल से उसके साथियों को सूचना दी।
नवीन यादव
नीमराना. सैनिक की पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित करते स्थानीय जनप्रतिनिधि।
सैनिक की तीन पीढिय़ां सेना में
मृतक सैनिक नवीन यादव के पिता अभय सिंह यादव उसके दादा कन्हैया लाल यादव फ़ौज में थे। संयोग की बात है कि पिता पुत्र दादा तीनों ही तोपखाना रेजिमेंट में थे। सैनिक नवीन कुमार यादव की सगाई बहरोड़ के समीप तलवाड़ गांव से रिश्ता हो गया था जिसकी नवंबर में शादी होने वाली थी।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग : सैनिक नवीन यादव अपने पिता हवलदार अभय सिंह यादव के इकलौता पुत्र था। जबकि उसके दो बहने जिनकी शादी कर दी गई थी।