नीमराना | राजस्थान उच्च न्यायालय ने उदयपुर जिले में कार्यरत शिक्षिका बिंदु यादव को हाइकोर्ट के आदेश के बाद अलवर जिले में काउंसलिंग करवाने के पश्चात भी कार्यग्रहण नहीं करवाने पर न्यायाधीश वी एस सिराधना ने आदेश दिया कि शिक्षिका को वर्तमान विद्यालय से कार्यमुक्त कर नव पदस्थापित विद्यालय में कार्यग्रहण करवाया जाए। प्रार्थिया शिक्षिका की तरफ से अधिवक्ता सुधीर यादव सांगा ने पैरवी करते हुए न्यायालय को बताया कि जौनायचा कलां निवासी बिंदु यादव प|ी संजय यादव का तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2016 में लेवल प्रथम में चयन हुआ। ज्यादा मेरिट होने के बावजूद गृह जिला अलवर नहीं देकर उदयपुर जिला आवंटित कर जुलाई 2017 में नियुक्ति दी गई। जबकि प्रार्थी से कम मेरिट वालों को अलवर जिले में नियुक्ति दे दी। उक्त प्रकरण में न्यायालय ने 12 अक्टूबर 2017 को अलवर में काउंसलिंग करवाने के अंतरिम आदेश दिए। इनकी पालना नहीं होने पर प्रार्थी द्वारा अवमानना याचिका दाखिल की गई। इसके बाद 6 अप्रेल 2018 को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय वाजमिया (मावली) उदयपुर के स्थान पर उसे गृह जिले अलवर में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मन्नाका, तूलेड़ा (उमरैण)आवंटित किया गया था। मामले में प्राथमिक शिक्षा उप निदेशक ज्योति चौहान, निदेशक नथमल डिडेल, जिला परिषद सीईओ अलवर अंशदीप, डीईईओ दीपचंद बुनकर के खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की गई तो 15 मई उसे कार्यग्रहण करवाया।