प्रवचन... भक्तामर पूजा का फल कभी निष्फल नहीं होता
नीमच | भक्तामर स्रोत को जैन समाज के सभी वर्ग मानते है इसकी स्तुति से कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्तामर पूजा का फल आत्म कल्याणकारी होता है। यह कभी निष्फल नहीं जाता है। यह बात आचार्य जितर|सागर महाराज ने पुस्तक बाजार आराधना भवन में भक्तांबर महापूजन के दौरान धर्मसभा में कही। उन्होंने कहा वर्षीतप के पारणे की अनुमोदना करना पुण्य परमार्थ है। उधर, सामूहिक वर्षीतप आराधकों के पारणे एवं पंचान्हिका महोत्सव की श्रृंखला में बुधवार सुबह 6 बजे जैन मंदिर पुस्तक बाजार में आराधकों द्वारा भगवान इक्षुरस से अभिषेक, 8.30 बजे नवकारसी के बाद प्रभुजी की रथयात्रा व तपस्वियों का वरघोडा निकलेगा। 11 बजे जैन भवन पर धर्मसभा होगी। 11.30 बजे बहुमान किया जाएगा। दोपहर 12.30 बजे श्रीसंघ का स्वामीवात्सल्य होगा।