मानव सेवा के विस्तार से है ब्रह्माकुमारी संस्थान की पहचान- मुन्नी दीदी
नीमच | ब्रह्माकुमारी संस्थान का परिचय उसके विस्तार अथवा वैभव से नहीं बल्कि नि:स्वार्थ भाव से तन, मन, धन से की जा रही मानव सेवाओं के विस्तार से है। संस्थान का 82 वर्षों में 148 देशों में लगभग 9000 शाखाओं का विस्तार कर मानव सेवा के लक्ष्य पर निरंतर अग्रसर है। लाखों भाई बहन स्वर्णिम भारत की स्थापना में योगदान दे रहे हैं। यह बात अंतरराष्ट्रीय ब्रह्माकुमारी संस्थान की महाप्रबंधक मुन्नीदीदी ने नीमच प्रवास पर आध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने सभी केंद्रों की गतिविधियों की जानकारी ली। डूंगलावदा हाईवे फंटे पर महानंदा बहन एवं दिव्या बहन ने स्वागत किया। शहर के मुख्य केंद्र ज्ञान सागर परिसर में सुरेंद्र भाई एवं सविता बहन ने स्वागत किया। आध्यात्मिक समागम में उपस्थित भाई बहनों में मुन्नीदीदी का अभिनंदन किया। विश्व शांति एवं अज्ञान अंधकार दूर हटाने के संकल्प से दीप प्रज्जवलित किया। स्वागत भाषण सविता दीदी ने, स्वागत नृत्य वंदना सोनी एवं भावना कस्तुरी ने, सोनल गुजराती द्वारा “मेरे सदगुरु प्यारे दा दरबार बड़ा सोणा है’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया गया। सुरेंद्र भाई ने मुन्नी दीदी के सम्मान में रचित कविता पाठन के साथ 5 फीट चौड़े एवं 3 फीट ऊंचा अभिनंदन-पत्र भेंट कर सेरेमनी में केक काटा।