पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • स्कीम नंबर 34 36 के 290 नामांतरणों की समिति ने 4 महीने बाद भी जांच पूरी नहीं की

स्कीम नंबर 34-36 के 290 नामांतरणों की समिति ने 4 महीने बाद भी जांच पूरी नहीं की

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शहर के स्कीम नंबर 34-36 के 290 वैध-अवैध नामांतरण प्रकरणों की जांच का मामला चार महीने से कलेक्टर कार्यालय में पेंडिंग है। ऐसे में प्लॉट के मालिकों को नगर पालिका के चक्कर काटना पड़ रहे है। उधर अविवादित 170 नामांतरणों परिषद की बैठक में रखा जाएगा।

6 दिसंबर 2017 को नपा के सम्मेलन में स्कीम नंबर 34-36 के 290 नामांतरण को मंजूरी के लिए रखा गया था। कांग्रेस पार्षदों द्वारा आपत्ति लेकर एजेंडे से प्रस्ताव हटाने की मांग करते हुए हंगामा किया था। इसके दो दिन बाद नपा ने मामला कलेक्टर के पास भेज दिया। कलेक्टर ने समिति गठित कर वैध-अवैध नामांतरणों की सूची तैयार कर जांच के निर्देश दिए। लेकिन चार महीने बाद भी जांच पूरी नहीं हुई। नपा को भी कलेक्टर कार्यालय से सूची या आदेश नहीं मिला। कांग्रेस पार्षद योगेश प्रजापति, महेंद्र लोक्स, इकबाल कुरैशी और विनोद बोरीवाल ने जांच के नाम पर नामांतरण प्रकरणों को उलझाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अवैध नामांतरणों के चक्कर में वैध नामांतरण भी रोक दिए हैं। 290 लोग नामांतरण के लिए नगरपालिका के चक्कर काट रहे हैं। प्रशासन जांच कराकर वैध-अवैध की सूची देगा जबकि नामांतरण का अधिकार नपा को ही है। नपा को लोगों के नामांतरण प्रकरणों पर सुनवाई कर प्रस्तावों को परिषद में रखना था लेकिन लोगों को उलझाया जा रहा है। सीएमओ संजेश गुप्ता का कहना है नामांतरणों के मामले में कलेक्टर कार्यालय से जैसा आदेश मिलेगा वैसी कार्रवाई की जाएगी। आवेदनों को परिषद की बैठक में रखकर नामांतरण किए जाएंगे।

दो बार नपा ने उपलब्ध कराए दस्तावेज

जांच समिति को नपा ने पहले स्कीम नंबर 34 के फिर 36 के दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इसके अलावा नपा के पास उपलब्ध भूखंडों के नक्शे, रजिस्ट्रियां, मालिकाना हक और खरीदी बिक्री के दस्तावेज फरवरी में उपलब्ध कराए थे। लेकिन अब तक नामांतरण अधर में लटके हुए हैं।

नपा की बैठक में रखेंगे 170 नामांतरण केस

नगर पालिका परिषद की इस सप्ताह होने वाली बैठक में करीब 170 नामांतरण प्रकरण रखे जाएंगे। परिषद की सहमति मिलने पर प्रकरणों के नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करके लोगों को राहत दी जाएगी। इस बैठक में स्कीम नंबर 34 व 36 के 290 नामांतरणों शामिल नहीं होंगे।

परिषद के विशेष सम्मेलन में हुआ था हंगामा... 2 अगस्त 2017 काे नपा के विशेष सम्मेलन में प्रस्ताव क्रमांक-53 के 67 नंबर पर भवन-भूखंड नामांतरण के प्रकरण पर पार्षद मुकेश वर्मा ने आपत्ति लेते हुए इसे रोक दिया था। इससे नाराज होकर भूखंड मालिक भानुमति ने नपाध्यक्ष को शिकायत की थी। लेकिन निराकरण नहीं होने पर महिला आपत्ति लेने वाले पार्षद के पीछे चप्पल लेकर दौड़ी थी। तब पार्षद ने नपाध्यक्ष की कार में बैठकर जान बचाई थी। अन्य पार्षदों ने समझाइश देकर महिला को शांत किया था। इसके बाद महिला का आक्रोश दिखा नपा के अधिकारियों ने भी ने कुछ समय बाद नामांतरण कर दिया।

खबरें और भी हैं...