दलित किसान को प्रताड़ित करने के मामले में कृषि उपज मंडी अध्यक्ष राजू तिवारी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा और एट्रोसिटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया है। कुचड़ौद निवासी सुनील धानुक ने मंडी अध्यक्ष पर जमीन हड़पने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए जनसुनवाई में शिकायत की थी। उसने आवेदन में कहा था कि न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या कर लूंगा। इसके बाद भी अधिकारियों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और गुरुवार को प्रताड़ित सुनील ने छोटे भाई के घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कलेक्टर ने इसके एसडीएम आदित्य शर्मा को मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए।
मृतक सुनील के पास 3 बीघा पथरीली जमीन का पट्टा था। इसको लेकर मंडी अध्यक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इससे परेशान होकर मृतक की प|ी ने दो बच्चों के साथ दो मई को मल्हारगढ़ स्टेशन के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले की जीआरपी जांच कर रही है। उसने महिला के पति से भी पूछताछ की थी। इसके बाद से वह डिप्रेशन में था। तीन मई को एसडीएम को आवेदन दिया था। इसकी जांच के लिए नायब तहसीलदार को आदेश दिए। वे दो बार सुनील धानुक के कुचड़ौद स्थित मकान पर गए लेकिन ताला लगा मिला। वह कनावटी स्थित छोटी भाई के साथ रहने लगा। गुरुवार को वह मजदूरी करने गया तब घर पर सुनील अकेला था और उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मंडी अध्यक्ष के खिलाफ धारा 306ए 34 आईपीसी एवं 3/2 अजा, जजा अत्याचार निवारण अधिनियम में प्रकरण दर्ज किया। एसपी टीके विद्यार्थी ने प्रकरण की जांच सीएसपी टीसी पंवार को सौंपी हैं।
जीआरपी को पूछताछ में पारिवारिक तनाव बताया था
दलित किसान की प|ी ने दो मासूम बच्चों के साथ दो मई को मल्हारगढ़ में ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की थी। इस मामले में जीआरपी ने मर्ग कायम कर पति सुनील धानुक से पूछताछ की थी। उसने बयान में पारिवारिक कारणों से तनावग्रस्त होना बताया था। प|ी व बच्चों की मौत के बाद से डिप्रेशन में था। एक पखवाड़े बाद भी आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई तो उसने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।