शहरी हाईवे की जर्जर हालत को सुधारने का पीडब्ल्यूडी द्वारा काम शुरू कर दिया है। दो चरणों में बारिश से पहले मार्ग को सुधारा जाएगा। पहले चरण में 1.40 करोड़ रुपए की लागत से कलेक्टोरेट से प्राइवेट बस स्टैंड तक डामरीकरण होगा। दूसरे चरण में जावद फंटे से भाटखेड़ा फंटे तक के मार्ग को सुधारा जाएगा।
पिछले साल कलेक्टोरेट से पुलिस लाइन तक की चार किमी सड़क पर 1 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से डामरीकरण किया गया था। वर्तमान में भाटखेड़ा फंटे की तरफ माधोपुरी बालाजी से उदयविहार कॉलोनी और हिंगोरिया फिल्टर प्लांट, नपा गेट से धानुका फैक्टरी तक सड़क कई जगह से जर्जर हो गई है। पीडब्ल्यूडी के दिलीप गुथारिया ने बताया लिमोरा पहुंच मार्ग की हालत बेहद खराब हो चुकी है। निर्माण के बाद से इसका मेंटनेंस नहीं किया गया। विभाग ने मुरम व मिट्टी से सड़क के गड्ढों को भर देता है। इससे थोड़ी बारिश से ही सड़क पर कीचड़ हो जाती है। मामले की जानकारी देने के बाद भी संबंधित विभाग ध्यान नहीं देता है। डामरीकरण नवीनीकरण के मामले की अनदेखी कर पेचवर्क के नाम लीपापोती कर देते हैं। जिसके कारण इस मार्ग से निकलने वाले वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब जल्द ही इस मार्ग की स्थिति सुधर जाएगी।
कलेक्टोरेट से प्राइवेट बस स्टेंड के पुराने मार्ग पर हो रहा है डामरीकरण।