लाइसेंस अवधि समाप्त होने के बाद भी 12 बोर की बंदूक रखने के आरोप में एक व्यक्ति को कोर्ट ने एक वर्ष की सजा व 200 रुपए जुर्माने से दंडित किया।
जिला लोक अभियोजन आरआर चौधरी ने बताया वर्ष 2013 में विस चुनाव के दौरान कलेक्टर के आदेश पर लाइसेंसी हथियार थाने में जमा किए जा रहे थे। इस दौरान शांतिलाल पिता सालीगराम पाटीदार (48) निवासी जावी 9 अक्टूबर 2013 को 12 बोर की बंदूक सिटी थाने पर जमा कराने पहुंचा। इसके लाइसेंस की अवधि 31 अगस्त 2012 को ही समाप्त हो गई थी। इसके बावजूद उसने लाइसेंस नवीनीकरण नहीं करवाया। सिटी पुलिस बंदूक जब्त कर आर्म्स एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना के बाद चालान कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष द्वारा आवश्यक साक्षियों के कथन करवाए। इसके आधार पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शीतल बघेल ने शांतिलाल पाटीदार उपरोक्त सजा से दंडित किया। शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन चंद्रकांत नाफड़े ने पैरवी की।