रक्तदान को लेकर महिलाओं में जागरूकता आ रही है। वर्ष 2015 से 2017 तक 277 ने रक्तदान किया। जबकि वर्ष 2018 में अब तक 19 महिलाएं रक्तदान कर चुकी हैं।
एक दशक पहले तक महिलाएं रक्तदान करने से डरती थीं। अब महिलाएं जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाने के लिए आगे आ रही है। इनमें कुछ महिलाएं तो शादी की सालगिरह, बच्चों के बर्थडे पर पति के साथ जिला अस्पताल में रक्तदान करती हैं। पहले खून के अभाव में गर्भवती और डायलिसिस मरीज को उदयपुर, इंदौर और अहमदाबाद जाना पड़ता था। अब मरीजों को आसानी से ब्लड उपलब्ध हो रहा है। डॉ. बीएल बोरीवाल ने बताया शहर के रक्तदान संगठन भी इस कार्य में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
तीन साल में 27700 लोगों ने किया रक्तदान
तीन साल में 27700 लोगों ने रक्तदान किया है। इसमें 227 महिलाएं भी शामिल है। वर्ष 2018 में अप्रैल तक 1900 लोग रक्तदान कर चुके हैं। वर्ष 2015 में 85, 2016 में 75, 2017 में 67 तथा 2018 में अब तक 19 महिलाओं ने मानव सेवा के लिए रक्तदान किया है। रेडक्रॉस ब्लड बैंक प्रभारी सत्येंद्रसिंह राठौर ने बताया महिलाओं के रक्तदान नहीं करने की मुख्य वजह हिमोग्लोबिन का काम रहना होता है। इस कारण कई महिलाएं चाह कर भी रक्तदान नहीं करती है। जागरूकता के साथ आ रहे बदलाव से महिलाओं में रक्तदान करने की रूचि बढ़ी है।