महू-चित्तौड़गढ़ शहरी हाईवे पर निर्माणाधीन छह मंजिला होटल के भूमि रूपांतरण आवेदन पर एसडीएम ने लोगों से पांच जून तक दावे-आपत्ति मांगी है। निर्धारित तारीख तक प्राप्त होने वाले आवेदनों पर भूमि विकास नियम 1984 के तहत कार्रवाई कर सुनवाई की जाएगी।
हाेटल संचालक श्रवण अग्रवाल ने नए मास्टर प्लान के तहत भूमि रूपांतरण का आवेदन टीएनसीपी काे दिया था। जिसे खारिज कर दिया। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में आवेदन लगाया। जहां इसकी सुनवाई चल रही है। एसडीएम ने भूमि रूपांतरण पर 15 दिन में दावे-आपत्ति मांगे हैं। जो पांच जून तक पेश किए जा सकते हैं। एसडीएम आदित्य शर्मा ने भूमि विकास नियम 1984 के तहत दावे आपत्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई। प्राप्त होने वाले आवेदनों पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई कर फैसला दिया जाएगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह का कहना है मामला एसडीएम कार्यालय में चल रहा है। अधिकारियों को नियमों के तहत निष्पक्ष कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
ये है कृषि गोदाम पर होटल बनाने का पूरा मामला
शहरी हाईवे पर बनी 6 मंजिला होटल।
भास्कर संवाददाता | नीमच
महू-चित्तौड़गढ़ शहरी हाईवे पर निर्माणाधीन छह मंजिला होटल के भूमि रूपांतरण आवेदन पर एसडीएम ने लोगों से पांच जून तक दावे-आपत्ति मांगी है। निर्धारित तारीख तक प्राप्त होने वाले आवेदनों पर भूमि विकास नियम 1984 के तहत कार्रवाई कर सुनवाई की जाएगी।
हाेटल संचालक श्रवण अग्रवाल ने नए मास्टर प्लान के तहत भूमि रूपांतरण का आवेदन टीएनसीपी काे दिया था। जिसे खारिज कर दिया। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में आवेदन लगाया। जहां इसकी सुनवाई चल रही है। एसडीएम ने भूमि रूपांतरण पर 15 दिन में दावे-आपत्ति मांगे हैं। जो पांच जून तक पेश किए जा सकते हैं। एसडीएम आदित्य शर्मा ने भूमि विकास नियम 1984 के तहत दावे आपत्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई। प्राप्त होने वाले आवेदनों पर सुनवाई कर नियमानुसार कार्रवाई कर फैसला दिया जाएगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह का कहना है मामला एसडीएम कार्यालय में चल रहा है। अधिकारियों को नियमों के तहत निष्पक्ष कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
हिंगोरिया में सर्वे क्रमांक 518 की 0.110, सर्वे 519 की 0.318 और 0.420 की जमीन पर कृषि गोदाम के लिए 2014-015 में अनुमति टीएनसीपी से ली। जमीन डायवर्शन के समय कृषि गोदाम के साथ आवासीय परिसर वाणिज्यिक, लॉजिंग-बोर्डिंग निर्माण का आवेदन दिया था। एसडीएम आदित्य शर्मा से डायवर्शन कराया। इस आधार पर यश पिता श्रवणकुमार ने पंचायत से अनुमति लेकर गोदाम की जगह होटल बना लिया। छह मंजिला होटल तैयार हो गई तब टीएनसीपी अधिकारियों ने निर्माण को अवैध करार देते हुए 15 दिन में होटल जमींदोज करने का आदेश दिया। होटल का डायवर्शन निरस्त कर दिया था। इसके बाद से ही प्रक्रिया टीएनसीपी, एसडीएम कार्यालय, विभाग के भोपाल कार्यालय में घूम रही है। अधिकारी इसको किसी भी तरह से बचाने में लगे हुए हैं।