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जिले में नहीं चली निजी बसें, ट्रेनों में सफर से पहले टिकट, फिर कोच में जगह के लिए यात्री हुए परेशान

3 वर्ष पहले
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किराये में 40 फीसदी की बढ़ोतरी को लेकर मप्र बस मालिक संघ के आह्वान पर सोमवार को जिले में सुबह से शाम तक 300 बसों के पहिये थमे रहें। ट्रेन रूट स्टेशन के यात्रियों ने पैसेंजर ट्रेन से गंतव्य तक का सफर किया। मनासा, कुकड़ेश्वर, रामपुरा, सिंगोली, रतनगढ़, जावद, नयागांव, जीरन जाने वाले यात्रियों को दोपहर में बस की सुविधा नहीं मिली। मजबूरी में मैजिक या अन्य वाहनों जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ा।

यात्री बसों की हड़ताल के चलते सोमवार को शहर में ग्रामीण क्षेत्र से कम लोग ही पहुंचे। सुबह से बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहा। अन्य शहरों से आए लोगों को गंतव्य पर पहुंचने में परेशानी हुई। सुबह के समय मंदसौर, जावरा, रतलाम तथा जावद, निंबाहेड़ा, चित्तौड़गढ़ जाने वाली ट्रेनों में यात्री भार सामान्य दिनों से अधिक रहा। प्रतिदिन करीब 4500 यात्री आवागमन करते हैं। बसों की हड़ताल के कारण यात्री भार का आंकड़ा करीब 50 फीसदी अधिक रहा। इसे अलावा राजस्थान रोडवेज बसों में भी यात्री दबाव रहा। सबसे ज्यादा मनासा, रामपुरा, सिंगोली रूट की बसों में भीड़ अधिक थी। निजी बस मालिकों ने सुबह 11 बजे कलेक्टोरेट पहुंचकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के नाम कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह को सौंपा।

मनासा | बस स्टैंड पर निजी बसों के नहीं पहुंचने से सन्नाटा रहा। राजस्थान रोडवेज की दिनभर में दो-तीन बसें ही आई। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्टेशन पर टिकट लेने के लिए यात्रियों की कतार लगी। इनसेट: स्टैंड पर खड़ी बसें।

नियम विरुद्ध दौड़े वाहन, कार्रवाई एक पर भी नहीं

निजी बसों की हड़ताल के कारण नीमच से मंदसौर, सिंगोली, रामपुरा सहित अन्य अंचल के मार्गों पर सुबह से शाम तक सवारियों के लिए मैजिक, जीप व अन्य छोटे वाहन नियम विरुद्ध दौड़ते रहे। आरटीओ ने एक दिन पहले कहा था कि ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन जिले के किसी भी मार्ग पर आरटीओ की टीम ने कार्रवाई नहीं की और ओवरलोड वाहन दिनभर दौड़ते रहे।

यात्रियों ने बताई परेशानी : सुबह पांच घंटे मंदसौर के लिए ट्रेन नहीं होने से यात्रियों को स्टेशन पर बैठना पड़ा

हड़ताल की जानकारी नहीं होने से बस का इंतजार करते रहे। अहमदाबाद से सुबह 6 बजे आए। सिंगोली के लिए निजी बस नहीं मिली अब राजस्थान रोडवेज की बस से जाएंगे। अनिल सिंह चौहान, सिंगोली

मंदसौर डेली अपडाउन बस से करते हैं। हड़ताल के कारण सुबह 10 बजे बाइक से ही जाना पड़ रहा है। सुबह 7 बजे डेमू ट्रेन के बाद 12 बजे तक कोई ट्रेन नहीं है। ड्यूटी पर जाना भी जरूरी है। इसलिए स्वयं के वाहन से जा रहा हूं। एसके चतुर्वेदी, प्राइवेट कर्मचारी

ट्रेनों में यात्री भार: शनिवार को 1900पर 3200 यात्रियों ने, रविवार को 2300 टिकट पर 4 हजार यात्रियों ने सफर किया। सोमवार को निजी बसों की हड़ताल के कारण सुबह के समय चित्तौड़गढ़ व मंदसौर की तरफ जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों में भीड़ रही। हड़ताल के कारण करीब 2800 टिकट पर 5 हजार से अधिक यात्रियों ने सफर किया। इसी तरह राजस्थान रोडवेज की बसों में भी दिनभर में करीब 2500 यात्रियों ने सफर किया। इसमें सिंगोली, रावतभाट, रामपुरा, मनासा जाने वाली बसों में ज्यादा भीड़ रही।

स्टेशन पर दोपहर 12 बजे पैसेंजर ट्रेन में सफर के लिए इस तरह लगी थी यात्रियों की भीड़।

निजी बस की हड़ताल से कोटा जाने वाली बस भी बंद है। अब निजी वाहन करके दो गुना अधिक किराया देकर सफर करना पड़ेगा। नीलेश उपाध्याय, कृषक-निवासी कोटा राजस्थान

छोटीसादड़ी के लिए नीमच से प्राइवेट बसें ही संचालित होती है। हड़ताल के कारण शेड्यूल बिगड़ गया। रोडवेज पर से सफर करना पड़ेगा। संजय सिंह पंवार, निवासी छोटी सादड़ी

10 फीसदी किराया बढ़ाना मंजूर नहीं

मप्र बस मालिक संघ ने 40 फीसदी किराया बढ़ाने की मांग की है। सरकार ने 10 फीसदी वृद्धि की घोषणा की है। इसे बस मालिक स्वीकार नहीं करेंगे। प्रदेश इकाई द्वारा जल्द ही बैठक कर आंदोलन के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जो निर्देश मिलेंगे उसी के तहत आंदोलन किया जाएगा। भगत वर्मा, अध्यक्ष, जिला अनुबंधित बस एसो, नीमच

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