जिले के शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं ने तेल, तिल के साथ लगाया भोग
शहर सहित अंचल में ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती मनाई गई। शनि मंदिरों में पर आकर्षक साज-सज्जा की थी। मंगलवार को ज्येष्ठ मास की अमावस्या यह पर्व श्रद्धा और भक्ति से मनाया। अलसुबह से मंदिरों में पूजा, अर्चना का दौर शुरू हो गया। तेल, तिल, उड़द, कील और भोग चढ़ावे का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। सिंधी कॉलोनी मार्ग स्थित शनि मंदिर पर महाआरती के बाद भजन संध्या में देर रात तक भजनों की प्रस्तुतियां दी। कलेक्टोरेट चौराहे स्थित शनि मंदिर, बरूखेड़ा स्थित नवग्रह शनि मंदिर, इंदिरा नगर सहित अंचल के शनि मंदिरों में जयंती पर धार्मिक आयोजन हुए। शनि भक्तों ने गायों को चारा खिलाया । घंटाघर स्थिति प्राचीन शनिमंदिर में मंगलवार सुबह 6.30 बजे शाही श्रृंगार के साथ महाआरती की गई। इसके पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया। मंगलवार कमल चौक स्थित शनि मंदिर सुबह 8 बजे अभिषेक एवं दोपहर 12 बजे एवं शाम 7.30 बजे महाआरती के साथ शनिदेव का अभिषेक किया। रात 8 बजे राजस्थान के कोहिनूर भजन सम्राट प्रकाश माली की भजन में भजनों की प्रस्तुति दी।
सिंधी कॉलोनी में पूजा करते पुजारी।
हुड़कों कॉलोनी में भंडारा
जीरन में भजन संध्या का आयोजन
शनि जयंती पर जीरन में प्राचीन किलेश्वर मंदिर के समीप स्थित शनि मंदिर में सुबह 8 बजे हवन एवं अभिषेक किया। इसके बाद सुबह 11 बजे महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया। रात 9 बजे भजन संध्या का आयोजन किया। जिसमें कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी।
शहर के हुड़को कॉलोनी में शनि जयंती पर शाम 6 बजे सुंदरकांड किया गया। कॉलोनी स्थित बगीचा नंबर 1 में भंडारे का आयोजन किया गया। मंदिर पुजारी योगेश पाठक सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे।
शोभायात्रा में चलित झांकियां भी बनाई गई।
पालसोड़ा में हुए आयोजन
पालसोड़ा में शनि जयंती पर शनि मंदिर में सुबह से विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। शनि देव की कथा का आयोजन किया। शाम को महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।