पहले दिन 9 किसानों से 195 क्विंटल प्याज खरीदा
भावांतर योजना में प्याज की खरीदी सरकार द्वारा बुधवार से शुरू की गई है। कृषि उपज मंडी खरीद केंद्र पर पहले दिन 9 किसान ही उपज बेचने के लिए पहुंचे। करीब 195 क्विंटल प्याज की खरीदी गई है। जबकि मंडी में सामान्य रुप से 250 क्विंटल की आवक रही। जो अधिकतम में 6 रुपए प्रति किलो नीलाम हुआ। भावांतर में जिले में 1500 किसानों ने पंजीयन करवाया था।
सरकार द्वारा प्याज को भावांतर में तो शामिल कर लिया। लेकिन इसकी खरीदी देरी से शुरू की। बीते दिनों मौसम में आए बदलाव व बारिश को देखते हुए कई किसानों ने उपज को कम दाम पर मंडी में बेच दिया। इस कारण किसानों को उपज की लागत भी नहीं मिल रही है। 20 दिन पहले 15 रुपए किलो में बिकने वाली उपज बुधवार को 6 रुपए किलो में व्यापारियों ने खरीदी। इस बार भी भावांतर में 8 रुपए किलो ही मूल्य निर्धारित किया है। इस कारण किसान प्याज को स्टॉक में रखना उचित नहीं समझ रहे हैं। इस बार जिले में 450 हेक्टेयर पर खेती हुई है। भावांतर में पंजीकृत किसानों से 30 जून प्याज की खरीदी होगी। सरकार द्वारा खरीदी में देरी पर कई किसानों ने मंडी में 20 से 25 रुपए किलो भाव मिलने पर किसानों पहले ही उपज को मंडी में बेच दी। अब सरकार 8 रुपए में खरीदी कर रही है। ऐसे में किसानों को अब मंडी व सरकार द्वारा की जा रही खरीदी में लागत निकलना भी मुश्किल लग रहा है।
जिले में 1500 किसानों ने करवाया पंजीयन, सरकारी खरीदी देरी से शुरू हुई, कई किसानों ने मंडी में पहले ही बेच दी उपज
पहले दिन भावांतर खरीदी केंद्र पर प्याज का तौल करते हम्माल।
सरकार खरीदी मूल्य बढ़ाएं...झारली के किसान नीलेश धनगर ने बताया मंडी व भावांतर में प्याज की खरीदी कम दाम पर होने से उपज को मंडी या केंद्र पर लाने का भाड़ा भी नहीं मिल रहा। भाव कम रहने से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।
प्रतिदिन 800 क्विंटल आवक
कृषि मंडी में प्याज की खरीदी व्यापारियों द्वारा की जा रही है। मौसम में आ रहे बदलाव को देखते हुए किसानों ने उपज को जल्दी बेचने का निर्णय लिया। यहीं कारण है कि पिछले एक महीने से प्याज की भी मंडी में आवक बढ़ गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 800 क्विंटल प्याज नीलामी में पहुंच रहा है। ऐसे में जिले में उत्पादन की 70 फीसदी उपज मंडी में बिक गई है।
...तो मिल सकता था किसानों को लाभ
प्रदेश सरकार द्वारा भावांतर में प्याज को 8 रुपए प्रति किलो खरीदने का निर्णय लिया है। मंडी में 6 रुपए किलो में व्यापारी खरीद रहे हैं। सरकार द्वारा एक महीने पहले उपज की खरीदी शुरू की जाती तो पंजीकृत किसानों को फायदा होता। जानकारों के अनुसार नए प्याज की आवक होली बाद ही शुरू हो जाती है। ऐसे में दो महीने बाद किसानों में भावांतर में खरीदी करने से किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल रहे हैं।