नीमच | निर्बल के बल प्रभु ही है। जब भक्तों पर संकट आता है प्रभु मदद करते हैं। यह बात पं. मनीष शंकर महाराज ने स्कीम नं. 36 में भागवत कथा के दौरान कही। उन्होंने गजेंद्र मोक्ष का प्रसंग सुनाते हुए कहा एक बार गजेंद्र नामक हाथी सरोवर मे फंस गया, दलदल से निकलने के लिए सभी को पुकारा लेकिन किसी ने नहीं सुना। फिर गजेंद्र को पूर्व जन्म की याद आयी और उसने प्रभु को पुकारा कि है दीनो पर दया करने वाले दीनानाथ मुझे इस संकट से बाहर निकालो। पुकार को स्वीकार कर भगवान ने गजेंद्र के प्राण बचा लिए। उन्होंने कहा इस कथा से हमें यह ज्ञान मिलता है भगवान निर्बल के बल है। जब व्यक्ति समस्त बल का त्याग देता है तो भगवान अपनी शरण देते हैं।